logo_banner
Breaking
  • ⁕ सैंड इस्तेमाल को बढ़ावा देने राज्य में नई पॉलिसी लागू; राजस्वमंत्री बावनकुले ने की घोषणा, शर्तें तोड़ने पर लाइसेंस होगा रद्द ⁕
  • ⁕ लावणी पर थिरकी एनसीपी अजित पवार गुट! पार्टी कार्यालय के भीतर नाच-गाने पर बवाल, आलाकमान ने अध्यक्ष अहिरकर से माँगा स्पष्टीकरण ⁕
  • ⁕ Buldhana: कंस्ट्रक्शन वर्कर के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर वसूली, दो ऑनलाइन सेंटरों पर छापा, लेबर विभाग की बड़ी कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Saoner: सावनेर के चंपा शिवार में सड़ी-गली हालत में मिला शव, खापरखेड़ा से गुमशुदा व्यक्ति की हुई पहचान ⁕
  • ⁕ Buldhana: जिले में बेमौसम बारिश ने दी दस्तक, कटाई के सीजन में फसलों को भारी नुकसान का खतरा ⁕
  • ⁕ Chandrapur: केसला घाट इलाके में बाघ ने बाइक सवार पर किया हमला, लोगों में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Amravati: कमुंजा फाटा के पास तेज़ रफ़्तार बस ने बाइक को मारी टक्कर, हादसे में एक की मौत, एक गंभीर ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

संजय राउत के बयान पर कांग्रेस ने दिया जवाब, अतुल लोंढे ने कहा- शिवसेना मित्र दल के निर्णय का करे सम्मान


नागपुर: शिवसेना नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने नाना पटोले (Nana Patole) पर बड़ा आरोप लगाया है। राऊत ने कहा कि, अगर पटोले ने विधानसभा अध्यक्ष ने इस्तीफा नहीं दिया होता तो राज्य में अभी भी महाविकास अघाड़ी (Mahavuikas Aghadi) की सरकार होती है।" शिवसेना के लगाए इस आरोप पर कांग्रेस (Congress) ने जवाब दिया है। पार्टी प्रवक्ता अतुल लोंढे (Atul Londhe) ने शिवसेना (Shivsena) पर गठबंधन धर्म निभाने की मांग करते हुए कहा कि, “मित्र दलों द्वारा लिए निर्णय का करें सम्मान।”

नागपुर में पत्रकार से बात करते हुए लोंढे ने कहा, "कांग्रेस में निर्णय लेने की प्रक्रिया के अनुसार ही निर्णय लिए जाते हैं। यह सोनिया गांधी द्वारा उस समय की राजनीतिक स्थिति को देखते हुए पार्टी के हित में लिया गया फैसला था। पटोले के इस्तीफे के बाद महाविकास अघाड़ी सरकार के सामने संकटों का सिलसिला शुरू हो गया। इस आरोप का कोई मतलब नहीं है।"

उन्होंने आगे कहा, "नाना पटोले अगर विधानसभा अध्यक्ष रहते तो अगली घटना टल जाती, राजनीति में इस 'अगर-तो' का कोई मतलब नहीं है। यह कहना भी सही नहीं है कि पटोले के विधानसभा अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने से महाविकास अघाड़ी सरकार संकट में आ गई।"

लोंढे ने कहा, "कांग्रेस पार्टी को क्या निर्णय लेना चाहिए यह पार्टी का आंतरिक मामला है। सहयोगी दल के फैसले पर आपत्ति जताना और फैसले को गलत बताकर सार्वजनिक तौर पर इसकी आलोचना करना अघाड़ी के धर्म के मुताबिक नहीं है।"