logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर स्नातक चुनाव: अभिजीत वंजारी 950 वोटों से आगे, दूसरे राउंड में होगी 81,909 वोटों की गिनती ⁕
  • ⁕ अमरावती शिक्षक चुनाव: किरण सरनाईक आगे, दूसरे स्थान पर श्रीकांत देशपांडे ⁕
  • ⁕ Akola: पानी के इस्तेमाल पर पाबंदी, बर्बादी करने पर काटा जाएगा नल कनेक्शन ⁕
  • ⁕ Amravati: राजहंस दूध एजेंसी पर FDA की कार्रवाई, कोजागिरी पूर्णिमा के मद्देनजर खाद्य पदार्थों की जांच तेज ⁕
  • ⁕ Nagpur: एयरपोर्ट पर रिक्शाचालक और सुरक्षा जवानों में विवाद, पार्किंग को लेकर शुरू हुई बहस मारपीट तक पहुंची ⁕
  • ⁕ Nagpur: दिघोरी के यश अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद नवजात की मौत, आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज ⁕
  • ⁕ किसानों की आत्महत्या पर प्रकाश आंबेडकर का विवादित बयान, बोले- पहले 10 नेताओं को मारो, फिर मरो! ⁕
  • ⁕ नागपुर अधिवेशन के खर्च में ₹42 करोड़ की बढ़ोतरी, खर्च ₹86.90 करोड़ से बढ़कर ₹129.05 करोड़ रुपये ⁕
  • ⁕ लाडकी बहनों को ₹3,000 रुपये का इंतजार, सितंबर-अक्टूबर की किस्त अटकी! ⁕
  • ⁕ Yavatmal: दिग्रस में शादी का झांसा देकर धर्मांतरण के लिए दबाव डालने का आरोप, तीन लोगों पर मामला दर्ज ⁕
Nagpur

जीत के धीरज लिंगाड़े का बड़ा खुलासा, कहा- अधिकारीयों पर था दवाब, नाना पटोले ने टेबल नहीं छोड़ने को दिया था आदेश


बुलढाणा: अमरावती स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के नवनियुक्त विधायक ने दोबारा वोटों की गिनती को लेकर बड़ा दावा किया है। शनिवार को शहर लौटे लिंगाड़े ने कहा, "भाजपा ने अवैध मतों की दोबारा गिनती की मांग की थी। उस वक्त प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने मुझसे कहा था कि अधिकारियों पर दबाव है और मुझे किसी भी हालत में काउंटिंग टेबल नहीं छोड़ने का आदेश दिया। उसके बाद, मैंने मांग की कि केवल दस टेबलों पर पुनर्मतगणना की जाए और फिर सब सुचारू रूप से चला।"

चुनाव में मिलने के बाद लिंगाड़े पहली बार बुलढाणा पहुंचे। जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका जमकर स्वागत किया। वहीं नव निर्वाचित विधायक के सम्मान में स्वागत समारोह आयोजित किया गया था। जहां बोलते हुए उन्होंने यह बात कही।

ज्ञात हो कि, लिंगाड़े ने पूर्व राज्यमंत्री और दो बार के विधायक रणजीत पाटिल को 3382 वोटो से हराया है। लिंगाड़े पहली बार स्नातक चुनाव में उतरे थे। शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के पूर्व जिला अध्यक्ष रहे लिंगाड़े ने एक साल से चुनाव की तैयारी शुरू कर दी थी। हालांकि, अमरावती की सीट कांग्रेस के खाते में जाने के कारण वह कांग्रेस में शामिल हो गए और दूसरे दिन ही पार्टी उन्हें चुनाव का टिकट दे दिया।