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Nagpur

मौसम की मार और आवक में भारी कमी से संतरें के दाम छू रहे आसमान, ऑरेंज सिटी के बाजारों में किन्नू का कब्ज़ा


नागपुर: उपराजधानी नागपुर की पहचान रहा देसी संतरा इस बार बाजारों से मानो ओझल होता जा रहा है। मौसम की मार और आवक में भारी कमी के चलते इसकी कीमतें आसमान छू रही हैं। नतीजतन, उपभोक्ता अब पंजाब से आने वाले किन्नू की ओर रुख कर रहे हैं, और शहर के फल बाजारों में देसी संतरे की जगह किन्नू ने अपनी मौजूदगी मजबूत कर ली है।

कभी सर्द हवाओं के साथ शहर की गलियों में जो मीठी खुशबू घुल जाती थी, वह देसी संतरे की होती थी। उसी संतरे की मिठास ने नागपुर को ‘ऑरेंज सिटी’ की पहचान दी थी। लेकिन आज वही पहचान मानो बाजारों में धुंधली पड़ती जा रही है। फल मंडियों में नज़र दौड़ाइए तो हर तरफ किन्नू की कतारें नजर आती हैं, जबकि देसी संतरे की चमक अब विरले ही दिखाई देती है।

इस बदलाव की बड़ी वजह मौसम की मार और बढ़ती लागत है। बेमौसम बारिश ने इस वर्ष संतरे की फसल को गहरा नुकसान पहुंचाया है। बागानों में मेहनत तो पहले जैसी ही हुई, लेकिन उत्पादन पर प्रकृति का असर साफ दिखाई दिया। नतीजा यह हुआ कि बाजारों में संतरे की आवक बेहद कम हो गई। जहां आमतौर पर कलमना मंडी में रोजाना 250 से 300 गाड़ियां संतरे से लदी पहुंचती थीं, वहीं अब यह संख्या घटकर 100 से 150 के बीच सिमट गई है। 

दूसरी ओर पंजाब और राजस्थान से किन्नू की बड़ी खेप लगातार पहुंच रही है, जिससे बाजार किन्नू से भरे पड़े हैं। नागपुर में संतरे की दो प्रमुख किस्में—अंबिया (अक्टूबर में आने वाली) और मृग (जनवरी से मार्च के बीच)—इस बार मौसम की मार झेल रही हैं। खासतौर पर मृग फसल पर प्रतिकूल जलवायु का गहरा असर पड़ा है, जिससे आपूर्ति घटी और कीमतों में उछाल आया।

इस सीजन देसी संतरा करीब ₹300 प्रति दर्जन तक पहुंच गया है, जबकि पंजाब से आने वाला किन्नू 120 से 150 प्रति दर्जन में उपलब्ध है। ऊपर से जो फसल फिलहाल बाजार में आ रही है, उसमें भी पूरी मिठास नहीं आई है और खट्टापन बना हुआ है। यही कारण है कि ग्राहक तेजी से किन्नू की ओर आकर्षित हो रहे हैं और नागपुर के बाजारों में देसी संतरे की जगह किन्नू ने अपना दायरा बढ़ा लिया है।

हालांकि, व्यापारी इसे अस्थायी स्थिति बता रहे हैं। उनका कहना है कि खट्टापन और कम आवक के कारण फिलहाल दाम ऊंचे हैं, इसलिए लोग किन्नू को प्राथमिकता दे रहे हैं। जैसे ही आवक बढ़ेगी और फसल में मिठास आएगी, कीमतें संतुलित होंगी और बाजार में देसी संतरा फिर से अपनी चमक दिखाता नजर आए