logo_banner
Breaking
  • ⁕ भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने, गिट्टीखदान इलाके में तनाव ⁕
  • ⁕ राज्य चुनाव आयोग ने ‘लाडली बहन योजना’ का लाभ अग्रिम रूप से देने पर लगाई रोक ⁕
  • ⁕ Nagpur: क्राइम ब्रांच की छापा मार कार्रवाई, साढ़े पाँच लाख का प्रतिबंधित गुटखा–तंबाकू जब्त ⁕
  • ⁕ Nagpur: नायलॉन मांजा पर हाईकोर्ट सख्त, पतंग उड़ाने पर 25,000 और बेचने पर 2.5 लाख रुपये का जुर्माना ⁕
  • ⁕ मनपा चुनाव के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार; सुरक्षा और तकनीकी इंतज़ाम पुख्ता, दोपहर तक परिणाम की संभावना ⁕
  • ⁕ मनपा चुनाव प्रचार का आज अंतिम दिन, रैलियों और जनसभाओं के ज़रिए प्रत्याशी झोंकेंगे पूरी ⁕
  • ⁕ प्रचार के अंतिम दिन भाजपा ने झोंकी पूरी ताक़त; फडणवीस निकाल रहे बाइक रैली, गडकरी और बावनकुले की जनसभाओं से मांगे जाएंगे वोट ⁕
  • ⁕ चांदी के भाव में उछाल का दौर जारी; नागपुर सराफा बाजार में 2,53,500 प्रति किलो पर पहुंची चांदी ⁕
  • ⁕ Bhandara: लाखोरी गांव के पास घूम रहे तीन भालू, इलाके में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Nagpur: नकली एमडी बिक्री विवाद में युवक पर जान लेवा हमला, चाकू मार कर किया गंभीर रूप से घायल ⁕
Nagpur

विधायक से महंगा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष का चुनाव


नागपुर: क्या किसी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष का चुनाव विधायकी चुनाव से  महंगा हो सकता है.जी, नागपुर डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन (डीबीए) के चुनाव 9 दिसंबर को हैं। और यह चुनाव विधायक के होने वाले चुनाव से भी महंगा हो सकता है.  डीबीए का यह चुनाव कोई मामूली चुनाव नहीं है। चुनाव जीतने के लिए उम्मीदवार पानी की तरह पैसा बहाने के लिए तैयार हैं। इस चुनाव में डीबीए अध्यक्ष पद के प्रचार के लिए होने वाले खर्च के आंकड़ें बटोरे, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। सिर्फ डीबीए के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए एक-एक उम्मीदवार करीब 50 लाख रुपए तक खर्च करने को तैयार है। चुनावी दृष्टिकोण से देखें, तो 50 लाख कोई मामूली रकम नहीं है। देश के निर्वाचन आयोग ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों के खर्च की सीमा तय कर रखी है, जिसके तहत किसी बड़े राज्य में विधायक का चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार अधिकतम 40 लाख रुपए खर्च कर सकते हैं, वहीं छोटे राज्य में विधायक का चुनाव लड़ने के लिए खर्च सीमा 28 लाख रुपए है। इन चुनावों की डीबीए अध्यक्ष पद से तुलना करें, तो कहना गलत नहीं होगा कि डीबीए अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ना विधायक का चुनाव लड़ने से भी महंगा है।