सड़कों से राजपथ तक: नागपुर के पुनर्वासित नागरिक बनेंगे गणतंत्र दिवस परेड के विशेष मेहमान
नागपुर: जीवन की शुरुआत सड़कों पर संघर्ष करते हुए करने वाले तीन नागपुर के पुनर्वासित नागरिक अब राष्ट्रीय स्तर के समारोह में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने जा रहे हैं। 26 जनवरी को ये तीनों नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में विशेष मेहमान के रूप में शामिल होंगे, जो उनके सामाजिक पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी को उजागर करता है।
यह सफलता ‘आस्था पुनर्वास आश्रय केंद्र’ के माध्यम से संभव हुई, जो नागपुर नगर निगम और सह्याद्री फाउंडेशन की संयुक्त पहल है। इस कार्यक्रम को भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय का समर्थन प्राप्त है। आस्था पहल शहर के सबसे कमजोर नागरिकों के लिए सुरक्षा, सम्मान और जीवन में नई शुरुआत का प्रतीक बन चुकी है।
NMC कमिश्नर डॉ. अभिजीत चौधरी के मार्गदर्शन में, और अतिरिक्त कमिश्नर वैष्णवी बी तथा डिप्टी कमिश्नर डॉ. रंजना लाडे की निगरानी में, आस्था पहल 2022 से सक्रिय है। अब तक इस पहल के तहत 1,330 से अधिक लोगों को सड़कों से बाहर निकालकर समाज में शामिल किया गया और उन्हें रोजगार, प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गई हैं।
इस पहल के प्रभाव को देखते हुए, नागपुर के तीन पुनर्वासित नागरिकों को देश के 100 चुनिंदा मेहमानों में शामिल किया गया है। ये हैं, शरीफ शेख (61 साल), अनिल जुंघारे (52 साल) और गायबाई शुक्ला (70 साल) हैं।
गणतंत्र दिवस परेड में ये लाभार्थी हाथ से लिखा हुआ प्रशंसा पत्र, नागपुर का ज़ीरो माइल स्मृति चिन्ह, और राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री की तस्वीरें प्रस्तुत करेंगे। इस अवसर पर उनके साथ गौतम नागरे (वार्डन), राकेश गाठे (मैनेजर), और अनीता गंधर्व (सुपरिटेंडेंट) भी दिल्ली यात्रा में होंगे।
आस्था पहल और स्माइल कार्यक्रम समाज के कमजोर वर्ग को सशक्त बनाने और भिखारी-मुक्त भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं। इस तरह के समन्वित प्रयास सरकारी एजेंसियों और गैर-सरकारी संस्थाओं के सहयोग की सफलता को भी दर्शाते हैं।
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