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Nagpur

Nagpur: थाने में बंद आरोपी की आत्महत्या मामला, पीएसआई सहित चार पुलिसकर्मी निलंबित


नागपुर: प्रेमिका को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और शारीरिक शोषण के मामले में गिरफ्तार आरोपी ने नागपुर के जरीपटका पुलिस थाने की लॉकअप में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस गंभीर घटना में कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में एक पुलिस उपनिरीक्षक और तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

मामले की जांच अब सीआईडी को सौंपी गई है। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में पीएसआई नितिन आत्राम तथा पुलिस कर्मचारी अभय खडसे, प्रमोद दुधकवडे और राहुल चव्हाण शामिल हैं। घटना के समय पीएसआई नितिन आत्राम रात्रि पाली में अधिकारी थे, जबकि आरोपी की निगरानी की जिम्मेदारी उक्त तीन पुलिस कर्मचारियों पर थी।

मृतक आरोपी की पहचान नागेंद्र रामजी भातिया प्रयागराज, उत्तर प्रदेश निवासी के रूप में हुई है। उस पर नाबालिग प्रेमिका को भगाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने का मामला जरीपटका थाने में दर्ज था। आरोपी को प्रयागराज से गिरफ्तार कर नागपुर लाया गया था। गुरुवार तड़के उसने पुलिस लॉकअप में चादर की मदद से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 

घटना की जानकारी मिलते ही नागेंद्र के परिजन उत्तर प्रदेश से नागपुर पहुंचे और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का दावा है कि नागेंद्र की मौत पुलिस की पिटाई से हुई है। इसको लेकर शहर में चर्चा का माहौल है और निष्पक्ष तथा गहन जांच की मांग की जा रही है।

पुलिस उपायुक्त डॉ. संदीप पखाले ने बताया कि पुलिस हिरासत में मौत का मामला होने के कारण सीआईडी जांच कर रही है। प्राथमिक जांच में लापरवाही सामने आने पर चारों पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, थानेदार समेत अन्य कर्मचारियों पर भी आगे कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। इस घटना ने पुलिस हिरासत की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।