लॉकअप में दुष्कर्म-अपहरण आरोपी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, जरिपटका पुलिस थाने की घटना; शहर में मचा हड़कंप
नागपुर: नागपुर के जरिपटका पुलिस थाना अंतर्गत गुरुवार तड़के एक गंभीर और सनसनीखेज घटना सामने आई है। दुष्कर्म, अपहरण और पॉक्सो अधिनियम के तहत गिरफ्तार किए गए एक आरोपी ने पुलिस थाने के लॉकअप में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 20 वर्षीय नागेंद्र रामजी भारतिया के रूप में हुई है, जो मूल रूप से प्रयागराज, उत्तर प्रदेश का निवासी था और बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार तड़के करीब 3 बजे के बाद नागेंद्र ने लॉकअप में रखी बेडशीट को फाड़कर फांसी का फंदा बनाया और लोहे की ग्रिल से लटककर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। सुबह करीब 9 बजे जब नाइट ऑफिसर अपनी ड्यूटी एक्सचेंज कर रहे थे और कैदियों की नियमित जांच की जा रही थी, तब आरोपी फंदे पर लटका हुआ पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया गया।
इस घटना के सामने आते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। मजिस्ट्रेट के साथ ही (CID) की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। आवश्यक पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है।
बताया जा रहा है कि मृतक आरोपी नागेंद्र के जरिपटका क्षेत्र में रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी के साथ प्रेम संबंध थे। 11 जनवरी को वह नागपुर आकर किशोरी को अपने साथ भगा ले गया था। इसके बाद किशोरी के परिजनों की शिकायत पर जरिपटका पुलिस थाने में अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस टीम ने 19 जनवरी को नागेंद्र को प्रयागराज से गिरफ्तार कर नागपुर लाया था, जहां अदालत ने उसे तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेजा था।
घटना के समय लॉकअप की सुरक्षा में गार्ड ड्यूटी पर राहुल चौहान प्रमोद दूधकावरे और अभय काकोडे नामक पुलिस कर्मी तैनात थे, जबकि नाइट ऑफिसर के रूप में पीएसआई नितिन आतराम ड्यूटी पर मौजूद थे। अब इस पूरे मामले में लापरवाही की जांच भी की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।
वहीं मृतक के पिता ने आरोप लगाया है कि उसके बेटे की मौत की खबर पुलिस द्वारा उसे नहीं दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि लड़की के परिजनों ने दो दिन पहले ही उन्हें फोन कर मामला सुलझाने के लिए कहा था और इसके लिए ₹500000 की मांग भी की थी। पैसों का बंदोबस्त करने के बाद वे अपने बेटे से मिलने नागपुर आ रहे थे इस बीच उन्हें बेटे द्वारा लॉकअप में ही सुसाइड करने का पता चला था।
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