logo_banner
Breaking
  • ⁕ भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने, गिट्टीखदान इलाके में तनाव ⁕
  • ⁕ राज्य चुनाव आयोग ने ‘लाडली बहन योजना’ का लाभ अग्रिम रूप से देने पर लगाई रोक ⁕
  • ⁕ Nagpur: क्राइम ब्रांच की छापा मार कार्रवाई, साढ़े पाँच लाख का प्रतिबंधित गुटखा–तंबाकू जब्त ⁕
  • ⁕ Nagpur: नायलॉन मांजा पर हाईकोर्ट सख्त, पतंग उड़ाने पर 25,000 और बेचने पर 2.5 लाख रुपये का जुर्माना ⁕
  • ⁕ मनपा चुनाव के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार; सुरक्षा और तकनीकी इंतज़ाम पुख्ता, दोपहर तक परिणाम की संभावना ⁕
  • ⁕ मनपा चुनाव प्रचार का आज अंतिम दिन, रैलियों और जनसभाओं के ज़रिए प्रत्याशी झोंकेंगे पूरी ⁕
  • ⁕ प्रचार के अंतिम दिन भाजपा ने झोंकी पूरी ताक़त; फडणवीस निकाल रहे बाइक रैली, गडकरी और बावनकुले की जनसभाओं से मांगे जाएंगे वोट ⁕
  • ⁕ चांदी के भाव में उछाल का दौर जारी; नागपुर सराफा बाजार में 2,53,500 प्रति किलो पर पहुंची चांदी ⁕
  • ⁕ Bhandara: लाखोरी गांव के पास घूम रहे तीन भालू, इलाके में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Nagpur: नकली एमडी बिक्री विवाद में युवक पर जान लेवा हमला, चाकू मार कर किया गंभीर रूप से घायल ⁕
Nagpur

ऐसा ही चलता रहा तो कांग्रेस केवल पोस्टर में बचेगी, संगठन को लेकर पूर्व मंत्री सुनील केदार जताई चिंता


नागपुर: संगठन दूकान में नहीं मिलता। संगठन को मजबूत करने के लिए हमेशा विचार किया जाना चाहिए। जहां-जहां मौका मिले वहां लोगों को जोड़कर इसे मजबूत किया जाना चाहिए। हमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए। लेकिन अगर ऐसा ही चलता रहा और मजबूत नहीं कर पाए तो एक समय ऐसा आएगा की कांग्रेस पार्टी केवल चुनाव के समय लगने वाले पोस्टरों में दिखेगी। रविवार को शिक्षक चुनाव में प्रचार के दौरान पूर्व मंत्री सुनील केदार ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

शिक्षक चुनाव के लिए महाविकास अघाड़ी ने विदर्भ शिक्षक माध्यमिक संघ के सुधाकर अडबाले को समर्थन दिया है। वहीं रविवार को आडबाले ने अपना प्रचार शुरू कर दिया है। इसी क्रम में आज एक सभा का आयोजन किया गया। जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केदार ने यह बात कही।

पूर्व मंत्री ने कहा, "अपनी विचारधारा और पार्टी को मजबूत करने के लिए चुनाव केबाद अहम् है। अगर इस माध्यम का उपयोग केवल अपने और अपनी सफलता के लिए किया गया तो पार्टी को बड़ा नुकसान होता है। न पार्टी रहेगी और न ही उसके विचार।" उन्होंने कार्यकर्ताओं और नेताओं पर तंज कस्ते हुए कहा कि, "हम कहते हैं संगठन कहां है। संगठन कहां है। अरे संगठन ऐसे ही तैयार होता है।

कार्यकर्ताओं को पेशन देने से नहीं बिगड़ता बजट

पुरानी पेंशन को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए केदार ने कहा, "सत्ता में रहने वालों से सवाल पूछा जाना चाहिए कि, करमचियों और अधिकारीयों को पुरानी पेंशन देने में आप की आर्थिक स्थित ख़राब हो जाती है। वहीं बिना किसी नियम और कानून के कार्यकर्ताओं को पेंशन दी जाती है उससे सरकार का बजट नहीं बिगड़ता क्या?"