logo_banner
Breaking
  • ⁕ अमरावती में मेलघाट आंदोलन के पहले चरण को मिली सफलता, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बाद आंदोलन स्थगित ⁕
  • ⁕ राज्यसभा के लिए महाराष्ट्र से सातों उम्मीदवारों का निर्विरोध चुनाव, नागपुर से उम्मीदवार माया इवनाते भी बनीं सांसद ⁕
  • ⁕ 16 मार्च को चंद्रपुर मनपा की स्थायी समिति अध्यक्ष पद चुनाव ; संख्या बल से रोचक होगा मुकाबला ⁕
  • ⁕ Yavatmal: विधायक राजू तोड़साम ने मारवाड़ी समुदाय के खिलाफ कहे अपशब्द, पुलिस अधीक्षक से की गई शिकायत ⁕
  • ⁕ Buldhana: पत्नी का हादसा नहीं, सुनियोजित हत्या; पति सहित चालक गिरफ्तार, पहले तीन बार जहर देकर मारने का भी किया प्रयास ⁕
  • ⁕ 9 मार्च से नई ऑटो रिक्शा व टैक्सी परमिट पर रोक, परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने दी जानकारी ⁕
  • ⁕ Nagpur: जरीपटका क्षेत्र में खेत के कमरे से महिला की लाश बरामद, अर्धनग्न और सड़ी-गली हालत में मिला शव ⁕
  • ⁕ Ramtek: नवरगांव स्थित टूरिस्ट ढ़ाबा के कुक की छह माह बाद मिली लाश, पुलिस ने ढ़ाबे के 4 कर्मचारियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Wardha: आपूर्ति विभाग की बड़ी कार्रवाई, हजारों टन अवैध गेहूं-चावल जब्त, बजरंग दल की सतर्कता से गोदाम सील ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Nagpur

स्टाम्प पेपर पर लिखकर देने को तैयार, नेता प्रतिपक्ष अजित पवार ने किस बात को लेकर कही यह बात


नागपुर: विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार 19 दिसंबर से शुरू होने वाला है। इस सत्र में शामिल होने के लिए तमाम विपक्षी दलों के नेता नागपुर पहुंच चुके हैं। सत्र के पहले सभी विपक्षी नेताओं ने पत्रकारों से बात की। इस दौरान पत्रकारों ने कोरोना के समय विदर्भ के साथ विकास निधि में कटौती करने और पैसे नहीं  देने को लेकर सवाल किया। जिस पर भड़कते हुए नेता प्रतिपक्ष अडिजत पवार ने कहा कि, कौन कह रहा है ये, मैं स्टाम्प पेपर पर लिखकर देने को तैयार हूँ। कोरोना के समय न हमने डीपीसी फण्ड में न कटौती की और न ही विधायक निधि में। उस समय हमने पैसा कम करने के बजाय बढ़कर दिया।"

नेता प्रतिपक्ष ने कहा, "जितना पैसा हमने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में हमने दिया है, उतना पैसा किसी और ने नहीं दिया। विधायक निधि हो, डीपीसी फण्ड हो वह सब पैसा बढाकर दिया है। पहले जो विधायक निधि एक करोड़ थी उसे बढाकर पांच करोड़ किया है। अगर हिम्मत होगी तो मौजूदा सरकार इसे बढाकर पांच करोड़ रूपये कर के दिखाए।