logo_banner
Breaking
  • ⁕ कांग्रेस सांसद प्रतिभा धानोरकर का बड़ा दावा, भाजपा पर कांग्रेस का आरोप, कहा - एक वोट की कीमत 5000 रुपये ⁕
  • ⁕ नागपुर बुक फेस्टिवल में बोले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, कहा - मैं बहुत आलसी हूँ, लेकिन ... ⁕
  • ⁕ ऑपरेशन थंडर अंतर्गत क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, मुंबई से आई MD ड्रग्स की खेप के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार” एक अन्य की तलाश ⁕
  • ⁕ Akola: विकास के लिए भाजपा के हाथ में दें सत्ता: रवींद्र चव्हाण ⁕
  • ⁕ उपराजधानी नागपुर में लौटी ठंड, शनिवार को पारा गिरकर 11 डिग्री सेल्सियस हुआ दर्ज ⁕
  • ⁕ Ramtek: सुप्रीम कोर्ट में स्थानीय निकाय चुनाव का मामला लंबित होने से चिंता में उम्मीदवार ⁕
  • ⁕ Amravati: देवेंद्र फडणवीस का नवनीत राणा पूर्व सांसद नहीं रहेंगी वाला बयान से शुरू हुईं चर्चा, नवनीत राणा कहा - मैं फिर आऊंगी ⁕
  • ⁕ Akola: अपने बयान के लिए चर्चा में रहे अजित पवार ने अकोला में सार्वजनिक सभा में मांगी माफी ⁕
  • ⁕ Saoner: संविधान दिवस के मौके पर सावनेर में निकली रैली, सैकड़ो की संख्या में नागरिक रैली में हुए शामिल ⁕
  • ⁕ कांग्रेस सहित महाविकास अघाड़ी की सुस्त शुरुआत पर आशीष जायसवाल का तंज, कहा- चुनाव में लड़ने की मानसिकता नहीं ⁕
Nagpur

Nagpur: समृद्धि महामार्ग खुलते ही पहले ही दिन हुआ हादसा, गई जान 


नागपुर: समृद्धि महामार्ग (Samruddhi Mahamarg) को बड़े गाजे-बाजे के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने जनता के लिए शुरू कर दिया। लेकिन उद्घाटन के पहले ही दिन महामार्ग पर दुर्घटना हो गई, जिसमें एक बंदर की मौत हो गई। इस घटना के सामने आने के बाद एक बार फिर महामार्ग में जानवरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगा है। 

वन्यप्राणियों के लिए उठाये कदमों पर लगातार सवाल 

इस राजमार्ग पर वन्य जीवन के लिए न्यूनीकरण योजना शुरू से ही विवादास्पद रही है। यह हाईवे वन्यजीवों के आवासों से होकर गुजरता है। जब इस राजमार्ग बनने की योजना बनाई गई थी, तभी से वन्यजीव विशेषज्ञों ने वन्यजीवों के लिए शमन योजनाओं पर सवाल उठाया था।

इन सवालों को लेकर राज्य के मुख्य वन्यजीव संरक्षक की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया। इसमें राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी, वन विभाग के अधिकारी, भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून के अधिकारी, राज्य वन्यजीव बोर्ड के सदस्य और गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे। इस समिति ने राजमार्ग का निरीक्षण किया और जहां आवश्यक हो वहां वन्यजीवों के लिए ओवरपास और फ्लाईओवर जैसी विभिन्न शमन योजनाओं का सुझाव दिया। इन्हें भारतीय वन्यजीव संस्थान के शोधकर्ताओं की देखरेख में बनाया गया था। लेकिन इसके बावजूद उसमें कई खामियां सामने आई थी। 

यह पहला मौका नहीं 

यह पहला मौका नहीं है समृद्धि में हुई दुर्घटना में किसी जंगली जानवर की मौत हुई है। उद्घाटन  के पहले भी जून-जुलाई के महीने में किसी अज्ञात वाहन ने हिरन को उड़ा दिया था, जिसमें उसकी मौत हो गई थी।  इसी के साथ इस महामार्ग पर कई हिरन भी दौड़ते दिखाई दे चुके हैं।