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Nagpur: कन्हान नगर परिषद की लापरवाही उजागर, मवेशियों की मौत और कचरे की बदबू से नागरिक त्रस्त, प्रशासन मौन


नागपुर: जिले की पारशिवनी तहसील के अंतर्गत आने वाले कन्हान नगर परिषद क्षेत्र में घरेलू कचरा प्रबंधन की लापरवाही अब जानलेवा साबित हो रही है। कचरे से उठती बदबू और खुले में फेंके गए अपशिष्ट को खाकर कई मवेशियों और कुत्तों की मौत हो गई है। इस भयावह स्थिति के बावजूद स्थानीय प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। कन्हान नगर परिषद द्वारा घरों से संकलित किया गया कचरा जुनी कामठी के गाडेघाट परिसर में खुलेआम फेंका और जलाया जा रहा है। इससे निकलने वाला जहरीला धुआं स्थानीय नागरिकों के लिए सांस की बीमारियों और आंखों में जलन जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार इस कचरे में पड़ी सड़ी-गली चीजों और प्लास्टिक को खाने से कई बेजुबान मवेशियों और कुत्तों की मौत हो चुकी है। पशुप्रेमी नागरिकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने इसे मानवता और पशु अधिकारों का उल्लंघन बताया है। कचरे के वर्गीकरण (सेग्रीगेशन) के नाम पर नगर परिषद द्वारा पिछले दो वर्षों में 73 लाख 80 हजार रुपए खर्च किए गए हैं। लेकिन न तो क्षेत्र में सफाई है, न ही कचरे का कोई व्यवस्थित निस्तारण होता दिख रहा है।

यह स्थिति जनता के टैक्स के दुरुपयोग को भी उजागर करती है।इस गंभीर मुद्दे पर पूर्व सांसद प्रकाश जाधव, पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष शरद डोनेकर, नगर परिषद उपाध्यक्ष योगेश रंगारी, और भाजपा जिला महामंत्री रिंकेश चवरे ने MPCB (महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल), जिलाधिकारी कार्यालय नागपुर, और नगर परिषद प्रशासन को लिखित शिकायतें दी हैं। मगर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय नागरिकों में बढ़ते आक्रोश के बीच अब एक ही सवाल उठ रहा है।