logo_banner
Breaking
  • ⁕ कांग्रेस सांसद प्रतिभा धानोरकर का बड़ा दावा, भाजपा पर कांग्रेस का आरोप, कहा - एक वोट की कीमत 5000 रुपये ⁕
  • ⁕ नागपुर बुक फेस्टिवल में बोले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, कहा - मैं बहुत आलसी हूँ, लेकिन ... ⁕
  • ⁕ ऑपरेशन थंडर अंतर्गत क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, मुंबई से आई MD ड्रग्स की खेप के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार” एक अन्य की तलाश ⁕
  • ⁕ Akola: विकास के लिए भाजपा के हाथ में दें सत्ता: रवींद्र चव्हाण ⁕
  • ⁕ उपराजधानी नागपुर में लौटी ठंड, शनिवार को पारा गिरकर 11 डिग्री सेल्सियस हुआ दर्ज ⁕
  • ⁕ Ramtek: सुप्रीम कोर्ट में स्थानीय निकाय चुनाव का मामला लंबित होने से चिंता में उम्मीदवार ⁕
  • ⁕ Amravati: देवेंद्र फडणवीस का नवनीत राणा पूर्व सांसद नहीं रहेंगी वाला बयान से शुरू हुईं चर्चा, नवनीत राणा कहा - मैं फिर आऊंगी ⁕
  • ⁕ Akola: अपने बयान के लिए चर्चा में रहे अजित पवार ने अकोला में सार्वजनिक सभा में मांगी माफी ⁕
  • ⁕ Saoner: संविधान दिवस के मौके पर सावनेर में निकली रैली, सैकड़ो की संख्या में नागरिक रैली में हुए शामिल ⁕
  • ⁕ कांग्रेस सहित महाविकास अघाड़ी की सुस्त शुरुआत पर आशीष जायसवाल का तंज, कहा- चुनाव में लड़ने की मानसिकता नहीं ⁕
Nagpur

Nagpur: 11वे दिन नवजात की मौत, पिता ने फर्श पर पटका था


नागपुर: मेडिकल अस्पताल के चिकित्सकों की पूरी टीम की आंखों में उस समय आंसू आ गए, जब चाहकर भी वे एक नवजात को नहीं बचा पाए। बीते वर्ष 31 दिसंबर को शाम करीब 6 से 6.30 बजे के दरमियान मेडिकल अस्पताल में नवजात बच्चे को जन्म देने वाली महिला से उसके पति ने वार्ड में जमकर मारपीट की थी। उसके नवजात बच्चे को फर्श पर फेंक दिया था। इस घटना में बच्चे के सिर में गंभीर चोट लगी थी। उस समय बच्चा बस दो दिन का था। 

अस्पताल के चिकित्सकों व नर्सों ने तत्काल उसे आईसीयू में भर्ती किया। एक्सरे जांच में पता चला कि उस मासूम के खोपड़ी में फ्रैक्चर हुआ है। उसकी जान बचाने के लिए चिकित्सकों ने ऑक्सीजन सिलेंडर लगाया। निवासी चिकित्सकों की पूरी टीम बच्चे और उसकी मां के स्वास्थ्य की देख-रेख कर रहे थे। करीब 11 दिन तक जंग लड़ने के बाद 11 जनवरी की सुबह करीब 11 बजे मासूम की मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, सावरडी अमरावती निवासी प्रतीक्षा ने गिरीश गोंडाणे के साथ प्रेम विवाह किया था। कुछ दिन सब कुछ ठीक चला, फिर दोनों में विवाद होने लगा। यहां तक कि गिरीश उसके चरित्र पर भी शक करने लगा। इसी बीच, जीवनकला गर्भवती हो गई। समय आने पर उसे प्रसूति के लिए मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया। बीते वर्ष के अंतिम दिन जब लोग जश्न के लिए अपनों को तलाश रहे थे, गिरीश ने अपने जिगर के टुकड़े के साथ वह काम किया, जिसकी कल्पना से रूह कांप जाए। 

गिरीश गोंडाणे उस वार्ड में पहुंचा, जहां प्रतीक्षा नवजात के साथ भर्ती थी। वह गुस्से में आग-बबूला था। चरित्र का तना मारते हुए उसने प्रतीक्षा के साथ मारपीट की। फिर दो दिन के नवजात बच्चे को बेड से उठाकर फर्श पर पटक कर दिया। बच्चे के सिर में गंभीर चोटें लगी। इसके बाद अस्पताल के चिकित्सकों ने उस बच्चे को भरसक बचाने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सके।