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Nagpur

धीरेंद्र शास्त्री को नागपुर पुलिस से मिली क्लीनचिट, वीडियो में कानून तोड़ने वाला कोई दृश्य नहीं


नागपुर: बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कुमार शास्त्री को बड़ी राहत मिली है। अंधश्रद्धा और जादू-टोना के लगे आरोप पर नागपुर पुलिस ने उन्हें क्लीनचिट दे दी है। बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में नागपुर पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने इस बात की जानकारी दी। कमिशनर ने आगे बताया कि, शिकायतकर्ता द्वारा जो भी वीडियो पेश किए गए थे, उनमे ऐसी कोई भी आपत्तिजनक नहीं है जो जादू-टोना और अंधश्रद्धा कानून का उल्लंघन करता हो। 

ज्ञात हो कि, धीरेन्द्र शास्त्री ने नागपुर में पांच जनवरी से लेकर 11 जनवरी के बीच नागपुर में राम कथा सुनाई थी। इस दौरान उन्होंने दो दिन का दिव्या दरबार और भूत दरबार भी लगाया था। इन्ही दरबार को लेकर नागपुर की अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष श्याम मानव ने धीरेन्द्र शारत्री के खिलाफ जादू-टोना और अंधश्रद्धा फ़ैलाने का आरोप लगाया था। इसी के साथ उन्होंने इसको लेकर नागपुर पुलिस आयुक्त के खिलाफ अंधश्रद्धा कानून को तोड़ने के लिए मामला दर्ज करने की मांग की थी। 

कुमार ने कहा कि, “श्याम मानव ने जो आरोप बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर के आरोप लगाए हैं। उसको लेकर हमने करीब छह घंटे की फुटेज को ध्यान से देखा। वीडियोज की बारीक तरीके से जांच वहिनी पुलिस द्वारा की गई। इसमें हमें कुछ नहीं दिखा जिससे अंधश्रद्धा को फैलाया जा रहा है या अंधश्रद्धा निर्मूलन कानून 2013 का उल्लंघन हो रहा है। इससे हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि उनके द्वारा किसी तरह का अंधविश्वास नहीं फैलाया जा रहा है। इसकी जानकारी हम उनके पास पहुंचा रहे हैं।”

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