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Nagpur

Nagpur: सुनील केदार को अदालत ने एक साल की सुनाई सजा, गिरफ़्तारी से बचे


नागपुर: कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुनील केदार को अदालत ने एक साल की सजा सुनाई है। अदालत ने यह फैसला 2016 में महावितरण के अधिकारियों के साथ मारपीट करने के मामले में सुनाया है। केदार के साथ अदालत ने तीन अन्य लोगों को भी सजा सुनाई है। फ़िलहाल, केदार को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। अदालत ने 54 हजार के बांड पर उन्हें एक महीने राहत दी है।

केदार ने सजा को निरस्त करने की लगाई याचिका 

अदालत के आदेश के खिलाफ केदार ने सजा को निरस्त करने की लगाई याचिका लगाई है। जिसे अदालत ने स्वीकार कर  लिया है।  54 हजार रुपये का बांड भरने के बाद अदालत ने केदार को एक महीने की मोहलत दी है, जहां इसको लेकर वह ऊपरी अदालत में अपील कर सकते हैं। जब तक पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं करेगी। 

क्या है मामला?

6 अक्टूबर 2016 को महापरेशन ने कोराडी-तिडांगी के बीच अल्ट्रा हाई वोल्टेज बिजली लाइन बिछाने का काम शुरू किया। इसके लिए संबंधित किसानों की जमीनें भी अधिग्रहित की गई थी। लाइन बिछाने के लिए बड़े-बड़े टावर बनाए गए थे। 6 अक्टूबर, 2016 को महाप्रशिक्षण के सहायक अभियंता अमोल खुबलकर दो-तीन अधिकारियों के साथ किसानों से उनकी फसल के नुकसान के मुआवजे के संबंध में बातचीत करने के लिए तेलगाँव गए। अधिकारी और किसानों के बीच चर्चा शुरू ही थी कि, केदार अपने 20 साथियों के साथ वहां पहुंचे। 

वहां पहुंचते ही केदार ने महापरेशन को यहां काम शुरू करने की अनुमति किसने दी ऐसा सवाल किया। सवाल चल ही रहा था कि, केदार ने अधिकारीयों और ठेकेदार को गाली देते उन्हें पीटना शुरू कर दिया। दोबारा इस क्षेत्र में काम करते दिखे तो टुकड़े-टुकड़े कर घर भेज देने ऐसी धमकी भी केदार ने दी। इस मामले में सावनेर पुलिस ने सुनील केदार समेत कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अदालत ने सभी गवाहों और सबूतों की जांच करते हुए पूर्व मंत्री सुनील केदार को एक साल कैद की सजा सुनाई।