नागपुर बना आग का गोला, तापमान 45 डिग्री के पार; नागरिकों को राहत देने मनपा ने चौराहों पर लगाए ग्रीन नेट
नागपुर: उपराजधानी नागपुर (Nagpur City) आग का गोला बन गया है। शहर का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के ऊपर चला गया है। स्थिति ऐसी हो गई है कि, दोपहर में सड़के सुनी हो गई है। बढ़ते तापमान और नागरिकों को होती दिक्कत को देखते हुए नागपुर महानगर पालिका (Nagpur Municipal Corporation) ने शहर के प्रमुख चौहरों पर ग्रीन नेट लगाने का काम शुरू कर दिया है। मनपा ने इसको लेकर 65 लाख रूपये का बजट आवंटित किया है। शहर के अति व्यस्त और भीड़भाड़ वाले चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल पर रुकने वाले वाहन चालकों को चिलचिलाती धूप से बचाने के लिए अब चौराहों पर ‘ग्रीन नेट’ लगाए जाएंगे।
संतरों की मिठास के लिए मशहूर नागपुर शहर वर्तमान में भीषण गर्मी की तपिश झेल रहा है। अप्रैल के महीने में ही सूरज के तेवर इतने तीखे हो गए हैं कि तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस के ऊपर दर्ज किया गया है। दोपहर के समय आसमान से बरसती आग और चिलचिलाती धूप के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और शहर में 'कर्फ्यू' जैसी स्थिति दिखाई देने लगती है। बढ़ती गर्मी और लू से नागरिकों को तात्कालिक राहत देने के लिए नागपुर महानगरपालिका (मनपा) ने शहर के प्रमुख और भीड़भाड़ वाले चौराहों पर 'ग्रीन नेट' लगाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है।
दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा
भीषण गर्मी का असर जनजीवन पर साफ देखा जा रहा है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच लोग घरों से निकलने से परहेज कर रहे हैं। मनपा की इस 'ग्रीन नेट' पहल से उन राहगीरों और वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें मजबूरी में इस चिलचिलाती धूप में बाहर निकलना पड़ता है। प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे गर्मी से बचने के लिए पर्याप्त सावधानी बरतें और हाइड्रेटेड रहें।
मनपा खर्च करेगी 65 लाख रुपये
65 लाख रुपये खर्च कर केवल 20 चौराहों पर ग्रीन नेट लगाने को हरी झंडी प्रदान की गई। यह नेट उन सिग्नल पर लगाए जा रहे हैं जहाँ दोपहिया वाहन चालकों को धूप में रुकना पड़ता है। स्थायी समिति की सभापति शिवानी दानी ने बताया कि यदि कहीं पर डिमांड होती है, तो इसी राशि में अन्य चौराहों पर भी ग्रीन नेट लगाने को ठेकेदार को कहा जाएगा।
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