जिम में 'बाहुबली' बनने का जुनून पड़ा भारी! नागपुर में ज्यादा वर्कआउट से फटी दिमाग की नस, बाल-बाल बची 23 वर्षीय युवक की जान
नागपुर: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट रहना अच्छी बात है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि फिट रहने का आपका जुनून आपकी जान भी ले सकता है? नागपुर से एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक 23 साल के युवक को जिम में अपनी क्षमता से ज्यादा व्यायाम करना इतना भारी पड़ा कि उसके दिमाग की नस फट गई और उसे लकवा मार गया। देखिए यह विशेष रिपोर्ट।
मसल्स बनाना और बॉडी को शेप में लाना आज की युवा पीढ़ी का सबसे बड़ा क्रेज है। लेकिन नागपुर की इस घटना ने बता दिया है कि अगर जिम में जोश के साथ होश खोया, तो अंजाम मौत भी हो सकता है। 10 अप्रैल को 23 साल का ओम भोयर जिम में घंटों पसीना बहाकर घर लौटा था। लेकिन घर पहुँचते ही वह अचानक बेहोश हो गया। खुशकिस्मती ये रही कि उसकी माँ, आरती भोयर खुद एक नर्स हैं। उन्होंने फौरन पहचान लिया कि यह पैरालिसिस का अटैक है और बिना वक्त गंवाए उसे अस्पताल लेकर पहुँचीं।
ओम की हालत बेहद नाजुक थी। डॉक्टरों के सामने उसे मौत के मुंह से खींचकर लाने की चुनौती थी। न्यूरोवैस्कुलर स्पेशलिस्ट डॉ. सचिन ढोमणे ने ओम पर 'इंडोवैस्कुलर सर्जरी' करने का फैसला किया। डॉक्टरों ने आधुनिक 'मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टोमी' तकनीक का इस्तेमाल किया। इसमें पैर के पास एक छोटा सा छेद कर कैथेटर के जरिए डॉक्टर सीधे दिमाग की नसों तक पहुँचे और 'न्यूरो स्टेंट' की मदद से खून के थक्के को बाहर निकाला। 6 घंटे के 'गोल्डन ऑवर' के भीतर हुई इस सर्जरी ने ओम को नई जिंदगी दे दी।
जांच में सामने आया कि 10 अप्रैल को जिम में ओम ने अपनी शारीरिक क्षमता से कहीं ज्यादा वजन उठाया और जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज की। इस दबाव के कारण उसके सिर में तेज दर्द और उल्टियां शुरू हुईं, जिसे उसने नजरअंदाज कर दिया। नतीजा ये हुआ कि कुछ ही घंटों में उसे अर्धांगवायु (Paralysis) का झटका लगा। आज ओम खतरे से बाहर है, लेकिन यह घटना उन तमाम युवाओं के लिए एक सबक है जो बिना सोचे-समझे जिम में अपनी सीमाओं को लांघते हैं।
डॉक्टरों और फिटनेस विशेषज्ञों का कहना है कि जिम हमेशा एक सर्टिफाइड कोच की देखरेख में ही करना चाहिए। व्यायाम शुरू करने से पहले अपनी शारीरिक जांच कराना जरूरी है। याद रखिए, शरीर बनाने का अति-उत्साह आपके जीवन के लिए घातक साबित हो सकता है।
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