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Nagpur

पश्चिम बंगाल से नागपुर का रास्ता भटके किशोर की सुरक्षित वापसी, महा मेट्रो के कर्मचारियों का सराहनीय कार्य


नागपुर: नागपुर मेट्रो स्टेशन पर एक 14 वर्षीय बंगाली भाषी किशोर गलती से पहुँच गया था। हिंदी या अन्य स्थानीय भाषा न आने के कारण मेट्रो कर्मचारियों से उसका संवाद करना कठिन हो रहा था। हालांकि, मेट्रो अधिकारियों द्वारा समय पर की गई त्वरित और सहृदय कार्रवाई के चलते उस किशोर को किसी भी संभावित अप्रिय घटना से बचाया जा सका।

बिनोद (परिवर्तित नाम) नामक यह बालक दोसर वैश्य चौक मेट्रो स्टेशन की टिकट खिड़की पर पहुँचा था। चूँकि उसे केवल बंगाली भाषा ही आती थी, अन्य भाषा न जानने के कारण संवाद में दिक्कत हो रही थी। इस स्थिति में स्टेशन कंट्रोलर शुभम बडोले ने आगे बढ़कर हस्तक्षेप किया। उन्होंने पहचान की पुष्टि की और मामले की गंभीरता को समझते हुए श्रीमती आशा सोनकुसरे (सफाई कर्मचारी, कॉटन मार्केट), जो बंगाली भाषा जानती हैं, उनकी सहायता ली।

बिनोद ने बताया कि उसका अपने परिवार से संपर्क टूट गया है और वह रेलवे स्टेशन खोजने का प्रयास कर रहा था। यह जानकारी सुरक्षा विभाग के निरीक्षक गणेश गारकल को दी गई। तत्पश्चात निर्णय लिया गया कि बिनोद को नागपुर रेलवे स्टेशन स्थित रेलवे सुरक्षा बल (RPF) थाने में सौंपा जाए।

महिपालपुर, ज़िला हुगली, पश्चिम बंगाल का निवासी बिनोद को एफएमएस पर्यवेक्षक प्रेमदास बोरकर के माध्यम से चाइल्डलाइन अधिकारियों के सुपुर्द किया गया। चाइल्डलाइन ने तत्क्षण बिनोद के माता-पिता से संपर्क कर उन्हें स्थिति की जानकारी दी है।