गर्मी से पहले नागपुर में जल संकट की आहट, नवेगांव खैरी में 8.23, तोतलाडोह में 4.75 प्रतिशत घटा पानी
नागपुर: गर्मी शुरू होने से पहले ही जलसंकट की आहट सुनाई देने लगी है। शहर के दो प्रमुख जलाशयों में तेजी से जलस्तर घट रहा है। महज एक सप्ताह में तोतलाडोह जलाशय का जल भंडारण 4.75 फीसदी घटकर 37.84 फीसदी पर पहुंच गया है, जबकि नवेगांव खैरी जलाशय में भी 8.23 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर जलस्तर में गिरावट का सिलसिला जारी रहा, तो आने वाले गर्मी के दिनों में नागपुरकरों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।
नागपुर शहर में फिलहाल पानी की कटौती नहीं की जा रही है, लेकिन जलाशयों में घटता जलस्तर चिंता बढ़ाने लगा है। जलसंपदा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, 25 अक्टूबर 2026 तक तोतलाडोह जलाशय में 534.89 दशलक्ष घनमीटर पानी उपलब्ध है, जो कुल क्षमता का 37.84 फीसदी है। वहीं, नवेगांव खैरी जलाशय में 125.79 दशलक्ष घनमीटर पानी बचा है, जो 61.13 फीसदी जलभंडारण के बराबर है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 18 अक्टूबर को तोतलाडोह में जलभंडारण 42.59 फीसदी था, जो एक सप्ताह में घटकर 37.84 फीसदी रह गया। यानी 4.75 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, नवेगांव खैरी में भी इसी अवधि के दौरान जलभंडारण 69.36 फीसदी से घटकर 61.13 फीसदी पर आ गया, यानी 8.23 फीसदी की कमी हुई है।
नागपुर शहर की जलापूर्ति मुख्य रूप से इन्हीं दोनों जलाशयों पर निर्भर है। शहर के करीब 70 फीसदी हिस्से में तोतलाडोह और 30 फीसदी हिस्से में नवेगांव खैरी से पानी की आपूर्ति होती है। ऐसे में दोनों जलाशयों में लगातार घटता जलस्तर आने वाले दिनों में परेशानी बढ़ा सकता है। हालांकि, प्रशासन ने फिलहाल पानी की कटौती नहीं की है, लेकिन जलस्तर में गिरावट की यही रफ्तार जारी रही तो मार्च-अप्रैल में जलसंकट गहरा सकता है। दिवाली के बाद मनपा प्रशासन जलापूर्ति की समीक्षा करेगा, जिसके बाद पानी की कटौती को लेकर फैसला लिया जा सकता है। ऐसे में अब निगाहें जलाशयों में पानी की उपलब्धता और प्रशासन की आगामी रणनीति पर टिकी हैं।
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