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Nagpur

विस्तार होते नागपुर में गगनचुंबी इमारतें, आपात स्थिति के लिए अग्निशमन विभाग कितना तैयार?


नागपुर: शहर तेजी से विस्तार ले रहा है. विकास के इस विस्तार में शहर में तेजी से गगनचुंबी इमारतें भी जुड़ रही है. जिस गति से शहर में ऊँची इमारते तैयार हो रहे है उससे लगता है की नागरिको का रुझान हाय राइज इमारतों को लेकर अधिक है. लेकिन ऊँची इमारतों में सुरक्षा एक बड़ा विषय बन जाता है और ये सवाल उठता है की आपात स्थिति में जिस विभाग की नागरिको को सुरक्षा दिए जाने की जिम्मेदारी है वो कितना तैयार है. मनपा के अग्निशमन दल के पास आग लगने के साथ अन्य आपातकालीन स्थिति को नियंत्रित किये जाने की जिम्मेदारी है. विभाग के मुताबिक वो अपने आप को इस तरह के तैयार कर रहा है जिससे की ऊँची इमारतों में आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य को कर सके.

नागपुर शहर में तेजी से हाय राइज इमारतों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. ये इमारतें मुंबई की तर्ज पर तैयार हो रही है.. जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक शहर में 411 ऐसी इमारते है जिनकी उचाई 24 मीटर से अधिक है. इनमे से कई इमारतों का निर्माण हो चुका है या कई इमारतें निर्माणाधीन है.  नागपुर में हाल के दिनों में 117 मीटर उचाई की ईमारत को मंजूरी मिली है.

शहर जिस तरह से अपने स्वरुप को बदल रहा है. उसमे गगनचुंबी इमारतों की संख्या लगातार बढ़ रही है लेकिन बड़ा सवाल ये है की क्या ऐसी इमारतों में किसी तरह की अनहोनी हो जाने की स्थिति में शहर की यंत्रणा राहत और बचाव कार्य के लिए तैयार है. मनपा के अग्निशमन विभाग की माने तो वो शहर के बदलते स्वरुप की तरह अपने काम की पद्धति को भी बदल रहा है.

बीते कुछ वक्त में अग्निशमन दल के बेड़े में कई नई मशीनों को जोड़ा गया है. जिसकी मदत से ऊँची इमारतों में राहत और बचाव कार्य किया जा सके.. अग्निशमन दल ने ऊंचाई में जाकर राहत और बचाव कार्य करने के लिए 70 मीटर के हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म को ख़रीदा है जो अगले महीने नागपुर पहुंचने वाला है.

हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म मशीन का मुख्य काम ऊंचाई तक पहुंचकर न केवल आग बुझाना है बल्कि नागरिको को भी मुश्किल हालत से निकलना है. 40 मीटर की उचाई तक जाने वाली मशीन मनपा के अग्निशमन दल के बेड़े में शामिल हो चुकी है जबकि 70 मीटर की मशीन जल्द शामिल होने वाली है. शहर में ऊँची इमारतों के निर्माण का सिलसिला बीते कुछ वर्षो में शुरू हुआ है। ऐसे में इन इमारतों में चलाये जाने वाले ऑपरेशन को लेकर अग्निशमन दल अपने मैनपावर को भी ट्रेंड कर रहा है. इसके साथ हाय राइज इमारतों में रहने वाले लोगों को आपात स्थिति से बचाव को लेकर ट्रेनिंग दे रहा है.

राज्य में लागू यूनिफाइड डेव्हलपमेंट कंट्रोल एंड प्रमोशन रेगुलेशन 2020 लागू है. जिसमे 24 मीटर से ऊँची या 5035 स्क्वयेर फीट से अधिक ज़मीन पर किये गए किसी भी तरह के कंस्ट्रक्शन में फायर सेफ्टी का कम्पलाइस करना अनिवार्य है. शहर में लगातार इस नियम के तहत बनने वाली इमारतों की संख्या बढ़ रही है. ऐसे में जरुरी है की न केवल यंत्रणा ऐसी इमारतों को लेकर सजग हो बल्कि ऐसी इमारतों में रहने वाले या आने जाने वाले लोग आपात स्थिति को लेकर खुद को तैयार रखे.