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Nagpur

सूरजागड हिंसा मामल: उच्च न्यायालय ने आरोपी सुरेंद्र गाडलिंग को दिया झटका, जमानत याचिका ख़ारिज


नागपुर: गढ़चिरौली जिले के सूरजागड नक्सली हिंसा मामले में एडवोकेट सुरेंद्र गाडलिंग को बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने दायर जमानत याचिका को ख़ारिज कर दिया है। जस्टिस विनय जोशी और जस्टिस वाल्मीकि मेनेजेस के याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे ख़ारिज किया।

ज्ञात हो कि, 23 दिसंबर 2016 को सूरजागड आयरन माइन एरिया में नक्सलियों ने कच्चा माल ले जा रहे एक ट्रक समेत कुल 80 वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। इस मामले में एडवोकेट सुरेंद्र गाडलिंग सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ गढ़चिरौली में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

एनआईए कर रही मामले की जांच

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अधिनियम की धारा 22, 21 (4), 439 के तहत उनकी जांच की जा रही है। गढ़चिरौली सत्र न्यायालय ने 23 सितंबर 2019 को उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। उन्होंने इसके खिलाफ नागपुर बेंच में दौड़ लगाई थी।