गूंजा 'गणपति बप्पा मोरया' का जयघोष, नागपुर समेत पूरे विदर्भ में उत्साह और उल्लास के साथ हुआ बाप्पा का आगमन
नागपुर: महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर समेत पूरे विदर्भ में गणेशोत्सव को लेकर इन दिनों अभूतपूर्व उत्साह, उमंग और आस्था का माहौल बना हुआ है। अकोला, अमरावती, वर्धा, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर और गड़चिरोली तक पूरे विदर्भ संभाग में जगह-जगह घर-घर और सार्वजनिक मंडलों में विघ्नहर्ता भगवान गणेश की प्रतिमाओं की आगवानी का सिलसिला पूरे शबाब पर है। ढोल-ताशों की गूंज, पारंपरिक नृत्यों और आतिशबाजी के बीच भक्त अपने आराध्य को ससम्मान अपने पांडालों और घरों में लेकर पहुंच रहे हैं।
'नागपुर के राजा' का भव्य स्वागत, उमड़ा आस्था का सैलाब
विदर्भ के प्रमुख आकर्षणों में शुमार और नागपुर की शान माने जाने वाले 'नागपुर के राजा' की भव्य और आकर्षक शोभायात्रा ने शहर के माहौल को पूरी तरह भक्तिमय कर दिया है। जैसे ही 'नागपुर के राजा' की प्रतिमा का आगमन हुआ, मार्ग के दोनों ओर खड़े हजारों श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। पारंपरिक लेज़िम पथक के कलाकारों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए, तो युवा ढोल-नगाड़ों की थाप पर 'गणपति बप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया' के जयकारों के साथ झूमते नजर आए।
मार्ग पर हर वर्ग के लोगों में गजब का उत्साह देखा गया। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में आरती उतारकर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के चेहरों पर बप्पा के आगमन की चमक साफ झलक रही थी। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस प्रशासन ने चप्पे-चप्पे पर कड़े इंतजामात किए थे, ताकि शोभायात्रा सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
अंचल के अन्य जिलों में भी धूम
नागपुर के अलावा विदर्भ के अन्य जिलों से भी लगातार भक्तिमय तस्वीरें सामने आ रही हैं:
- अमरावती और अकोला: यहां के प्रमुख सार्वजनिक मंडलों द्वारा विशाल रथों और डीजे-ढोल की गूंज के साथ गणेश मूर्तियों को पांडाल तक लाया गया। सड़कों को भव्य विद्युत रोशनी और तोरणद्वारों से सजाया गया है।
- वर्धा और चंद्रपुर: ग्रामीण और शहरी इलाकों में स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। बाजार क्षेत्रों में पूजन सामग्री, मोदक और सजावट का सामान खरीदने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी रही।
- भंडारा, गोंदिया व गड़चिरोली: धान के कोठार और वनों से घिरे इन जिलों में भी पर्यावरण के अनुकूल और पारंपरिक मूर्तियों की स्थापना को लेकर युवाओं में विशेष उत्साह है।
आगामी 10 दिनों तक सजेगा आस्था का दरबार
विद्वानों और पंचांग के अनुसार, इस बार गणेशोत्सव को लेकर भक्तों में खासा उल्लास है। बाप्पा के आगमन के साथ ही अब अगले 10 दिनों तक विदर्भ के तमाम छोटे-बड़े सार्वजनिक मंडलों में आकर्षक विद्युत रोशनाई, सामाजिक संदेश देती झांकियां, महाआरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला चलेगा। जगह-जगह भंडारे और सामाजिक उपक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे पूरा विदर्भ अगले डेढ़ सप्ताह तक भक्ति और उल्लास के रंग में सराबोर रहने वाला है।
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