logo_banner
Breaking
  • ⁕ 73 लाख किसानों के खातों में 5000 रूपये जमा, CM देवेंद्र फडणवीस बोले- 21 लाख किसानों का कर्जा हुआ माफ़; किसानों के साथ मंत्री मनाएंगे दीपावली ⁕
  • ⁕ सांसद प्रतिभा धनोरकर को श्याम कुमार बर्वे ने मारा थप्पड़! वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप, आलाकमान के पास शिकायत दर्ज ⁕
  • ⁕ अमरावती को मिली बड़ी सौगात! एयर इंडिया फ्लाइंग ट्रेनिंग एकेडमी को DGCA की मंजूरी, जल्द शुरू होगी पायलटों की ट्रेनिंग ⁕
  • ⁕ स्टार एअर की पुणे-नागपुर विमान सेवा बंद, दिवाली से पहले विमान सेवा बंद होने से यात्रियों की बढ़ी परेशानी ⁕
  • ⁕ Chandrapur: इरई बांध में 68 प्रतिशत जल भंडार शेष, "न करें पानी की कटौती", किशोर जोरगेवार की मांग ⁕
  • ⁕ किसानों की आत्महत्या पर प्रकाश आंबेडकर का विवादित बयान, बोले- पहले 10 नेताओं को मारो, फिर मरो! ⁕
  • ⁕ नागपुर अधिवेशन के खर्च में ₹42 करोड़ की बढ़ोतरी, खर्च ₹86.90 करोड़ से बढ़कर ₹129.05 करोड़ रुपये ⁕
  • ⁕ Nagpur: MD ड्रग्स तस्करों पर एंटी नारकोटिक्स टीम का शिकंजा! गणेशपेठ में 7 ग्राम MD ड्रग्स के साथ दो आरोपी गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Yavatmal: दिग्रस में शादी का झांसा देकर धर्मांतरण के लिए दबाव डालने का आरोप, तीन लोगों पर मामला दर्ज ⁕
Nagpur

सड़क खुदाई पर मनपा की सख्ती, अब पहले कंपनियों को जमा करनी होगी 20% बैंक गारंटी; जल्द आमसभा में प्रस्ताव होगा पेश


नागपुर: नागपुर में ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के लिए सड़कों की बार-बार होने वाली खुदाई पर अब मनपा सख्ती करने जा रही है। सड़क खोदने से पहले संबंधित दूरसंचार कंपनियों को खुदाई की कुल लागत की 20 फीसदी राशि बैंक गारंटी के रूप में जमा करनी होगी। इस प्रस्ताव को बुधवार को होने वाली मनपा की आमसभा में मंजूरी के लिए रखा जाएगा।

शहर में ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के लिए सड़क खोदने वाली दूरसंचार कंपनियों पर अब सख्ती होगी। नए नियमों के तहत सड़क की खुदाई से पहले कुल लागत की 20 फीसदी राशि बैंक गारंटी के रूप में मनपा के पास जमा करनी होगी। सड़क को पहले जैसी स्थिति में लाने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की होगी और मरम्मत का गारंटी पत्र भी देना होगा। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की दरसूची के आधार पर लागत तय होगी। पुरानी नीति को निरस्त कर तैयार प्रस्ताव को आयुक्त की मंजूरी मिल चुकी है और बुधवार की आमसभा में इसे रखा जाएगा।

बार-बार सड़क खुदाई से यातायात और नागरिकों की परेशानी को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की जा रही है। वहीं, डिजिटल फाइलों की मंजूरी में देरी का मुद्दा भी आमसभा में उठेगा। विपक्ष के नेता संजय महाकालकर ने धारा 1 (जे) के तहत नोटिस दिया है। अभियंताओं को डिजिटल प्रणाली का प्रशिक्षण, फाइल मंजूरी की समय-सीमा और विकास कार्यों पर पड़ रहे असर को लेकर सवाल उठाए गए हैं। सत्तापक्ष नेता बाल्या बोरकर भी फाइलों की धीमी मंजूरी को लेकर अधिकारियों को फटकार चुके हैं।