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जनवरी महीने में ही महसूस होने लगी गर्मी ; नागपुर, अकोला और चंद्रपुर में कई वर्षों का टूटा रिकॉर्ड


नागपुर: जनवरी महीने में उत्तर भारत जहां कड़ाके की ठण्ड से जूझ रहा है। वहीं नागपुर सहित तमाम विदर्भ में ठंड पूरी तरह गायब हो गई है। इस महीने लोगों को जहां गर्म कपडे पहनकर बाहर निकलते हैं, लेकिन मौसम ऐसा हो गया है कि, लोग गर्मी से बचते दिखाई दे रहा है। बीते दस सालों की बात करे तो इस वर्ष जनवरी महीना सबसे गर्म साबित हुआ है। दिन का तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के करीब जबकि रात का तापमान 19 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है।

एवरेज तापमान इतना किया गया दर्ज

उपराजधानी की बात करें तो जनवरी में न्यूनतम तापमान औसत 15.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आखिरी बार 2013 में नागपुर शहर का तापमान इतना गया था। वहीं विदर्भ की बात करें तो अकोला, चंद्रपुर, अमरावती सहित ,तमाम जिलों में भी ऐसा ही हाल है।

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह बढ़ा तापमान

प्रादेशिक मौसम केंद्र, नागपुर के उप महानिदेशक एम. एल साहू ने बताया कि, " जनवरी के पहले हफ्ते में ये बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के कारण आया है। विदर्भ के जिलों में बढ़ रहे तापमान के लिए अफगानिस्तान और जम्मू-कश्मीर और आसपास तैयार हुए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से ही पारे में गिरावट का दौर थम गया। इसी के साथ जनवरी के बचे दिनों में भी कड़ाके की ठंड नहीं पढ़ने के आसार भी मौसम विभाग ने जताया है।

मौसम वैज्ञानिकों के दावे हुए फेल

दक्षिण-दक्षिणी पश्चिमी हवाओं ने गिरते हुए पारे को रोक लिया। मानसून के अति सक्रिय होने की वजह से मौसम जानकारों ने इस बार कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार जताए थे। लेकिन ठंड के इस सीजन में न्यूनतम तापमान पांच दिन ही दस डिग्री के नीचे रहा। ऐसे में जानकारों के सभी दावे पूरी तरह फेल हो गए।