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Nagpur

‘ग्रीन बिल्डिंग’ के लिए संपत्ति कर में 20 प्रतिशत तक की छूट, नगर आयुक्त ने आदेश किया जारी


नागपुर: पर्यावरण अनुकूल इमारतों के निर्माण को और बढ़ावा देने के लिए, नागपुर नगर निगम ने भारतीय हरित भवन परिषद द्वारा प्रमाणित इमारतों के लिए संपत्ति कर में 20 प्रतिशत तक की छूट देने का निर्णय लिया है। नगर निगम आयुक्त डॉ अभिजीत चौधरी ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। 

नागपुर नगर निगम शहर में बढ़ते प्रदूषण और तापमान को रोकने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। शहर में हरित भवन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि अधिकतम पर्यावरण अनुकूल सामग्रियों का उपयोग करके और न्यूनतम बिजली का उपयोग करके बढ़ते तापमान को रोकने में मदद मिल सके। नगर निगम आयुक्त ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा कि ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफिकेट लेने वालों को संपत्ति कर में 20 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। इससे पर्यावरण अनुकूल भवन निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। 

नागपुर महानगर पालिका का वर्ष 2025-26 का बजट पेश करते हुए महानगर पालिका आयुक्त डॉ अभिजीत चौधरी ने हरित भवन निर्माण को बढ़ावा देने तथा निर्माण व्यवसाय में तेजी लाने के लिए महाराष्ट्र महानगर पालिका अधिनियम की धारा 140बी के प्रावधानों के अनुसार नागरिकों को संपत्ति कर में राहत दी है।

वे भवन जो वर्षा जल संचयन, जैविक उर्वरक, सौर ऊर्जा और जल पुनर्चक्रण का प्रभावी ढंग से उपयोग करते हैं, इस रियायत के लिए पात्र होंगे। भारतीय हरित भवन परिषद द्वारा प्रमाणित भवनों के लिए संपत्ति कर में अतिरिक्त राहत प्रदान करने के निर्णय को 28 मार्च, 2025 के संकल्प संख्या 141 द्वारा अनुमोदित किया गया है। इस आदेश को लागू करने के लिए नगर निगम आयुक्त ने ग्रीन बिल्डिंगों के लिए संपत्ति कर में 10 प्रतिशत तक की अतिरिक्त छूट प्रदान की है।

कर विभाग को आवेदन देना आवश्यक 

इस ग्रीन भवन में वर्षा जल संचयन, सौर ऊर्जा का उपयोग, अपशिष्ट जल का पुनर्चक्रण और गीले कचरे से खाद बनाने जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए नगर निगम मुख्यालय और जोन में कर विभाग में आवेदन करना होगा। इसके अलावा, संपत्ति मालिक के लिए भारतीय हरित भवन परिषद द्वारा जारी 'हरित भवन प्रमाणपत्र' प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।