कर्जमाफी और किसान आत्महत्या को लेकर विजय वडेट्टीवार का सरकार पर हमला, कहा- सहयोग न मिलने की स्थिति में किसान पूरी तरह बर्बादी की ओर
नागपुर: राज्य में किसानों की बदहाल स्थिति को लेकर सियासत गरमा गई है। यवतमाल जिले (Yavatmal District) में बीते एक महीने में 22 किसानों की आत्महत्या का हवाला देते हुए नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार (Vijay Wadettiwar) ने सरकार पर कर्ज़ माफी न करने और किसानों (Farmer's Suicide) की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भारी कर्ज़ के बोझ और केंद्र से सहयोग न मिलने की स्थिति में किसान पूरी तरह बर्बादी की ओर बढ़ रहे हैं।
पिछले एक महीने में यवतमाल जिले में 22 किसानों के आत्महत्या करने की बात बताते हुए वडेट्टीवार ने किसानों के कर्ज़ को लेकर भी सरकार की आलोचना की। राज्य में किसानों पर करीब 2 लाख 91 हज़ार करोड़ रुपये का कर्ज़ होने के बावजूद, कोई कर्ज़ माफ़ नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने साफ़ कर दिया है कि 'कर्ज़ माफ़ी मुमकिन नहीं है', जबकि राज्य सरकार ने केंद्र को एक प्रस्ताव भेजा है।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ऐसे में अगर राज्य के पास कैपेसिटी नहीं है और केंद्र डोनेट नहीं करता है, तो किसान पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे। आगे वडेट्टीवार ने कहा कि मोदी सरकार ने US के साथ जो एग्रीकल्चर एग्रीमेंट किया है, वह बहुत खतरनाक है। हालांकि इस फैसले के नतीजे तुरंत नहीं दिखेंगे, लेकिन फसल के मार्केट में आने के बाद किसानों की कमर तोड़ने वाले नतीजे दिखेंगे, उन्होंने कहा।
भारत से एक्सपोर्ट पर टैरिफ 18 परसेंट तक सीमित कर दिया गया है और अमेरिकी एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स पर ज़ीरो परसेंट इंपोर्ट ड्यूटी लगा दी गई है। पहले यह ड्यूटी 110 से 120 परसेंट के बीच थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसकी वजह से अमेरिका से कॉटन, सोयाबीन और मक्का बड़ी मात्रा में भारत आएंगे और घरेलू एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स को मार्केट नहीं मिलेगा।
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