logo_banner
Breaking
  • ⁕ कांग्रेस सांसद प्रतिभा धानोरकर का बड़ा दावा, भाजपा पर कांग्रेस का आरोप, कहा - एक वोट की कीमत 5000 रुपये ⁕
  • ⁕ नागपुर बुक फेस्टिवल में बोले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, कहा - मैं बहुत आलसी हूँ, लेकिन ... ⁕
  • ⁕ ऑपरेशन थंडर अंतर्गत क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, मुंबई से आई MD ड्रग्स की खेप के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार” एक अन्य की तलाश ⁕
  • ⁕ Akola: विकास के लिए भाजपा के हाथ में दें सत्ता: रवींद्र चव्हाण ⁕
  • ⁕ उपराजधानी नागपुर में लौटी ठंड, शनिवार को पारा गिरकर 11 डिग्री सेल्सियस हुआ दर्ज ⁕
  • ⁕ Ramtek: सुप्रीम कोर्ट में स्थानीय निकाय चुनाव का मामला लंबित होने से चिंता में उम्मीदवार ⁕
  • ⁕ Amravati: देवेंद्र फडणवीस का नवनीत राणा पूर्व सांसद नहीं रहेंगी वाला बयान से शुरू हुईं चर्चा, नवनीत राणा कहा - मैं फिर आऊंगी ⁕
  • ⁕ Akola: अपने बयान के लिए चर्चा में रहे अजित पवार ने अकोला में सार्वजनिक सभा में मांगी माफी ⁕
  • ⁕ Saoner: संविधान दिवस के मौके पर सावनेर में निकली रैली, सैकड़ो की संख्या में नागरिक रैली में हुए शामिल ⁕
  • ⁕ कांग्रेस सहित महाविकास अघाड़ी की सुस्त शुरुआत पर आशीष जायसवाल का तंज, कहा- चुनाव में लड़ने की मानसिकता नहीं ⁕
Nagpur

Washim: विज्ञान के साथ धर्म जुड़ जाए तो जीवन सार्थक हो जाता है: मोहन भागवत


वाशिम: धर्म और अध्यात्म की शक्ति से सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है। लेकिन विज्ञान की सीमाएं हैं। धर्म सत्य, करुणा, तपस्या और सुचिता के चार स्तंभों पर खड़ा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डा.मोहन भागवत  ने कहा कि विज्ञान के साथ धर्म जुड़ जाए तो जीवन सार्थक हो जाता है।  

करंजा के स्वामी नृसिंह सरस्वती महाराज की जयंती समारोह इस समय चल रहा है। वे उस अवसर पर 'विज्ञान के युग में धर्म का महत्व' विषय पर आयोजित व्याख्यान में बोल रहे थे। इस अवसर पर बाबासाहेब तारादे, विनायक सोंटाकके, प्रकाश खुले सहित संस्थान के अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। 

सरसंघचालक ने कहा कि विकास के दौरान पर्यावरण का ध्यान नहीं रखा जाता है। इसलिए ग्लोबल वार्मिंग की समस्या सामने आ रही है। विज्ञान में भी प्रतिष्ठा महत्वपूर्ण है। विज्ञान को एक प्रयोगशाला की जरूरत है। लेकिन अध्यात्म को प्रयोगशाला की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि विज्ञान सभी सुविधाएं देगा लेकिन उत्थान और संतुष्टि नहीं देगा। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।