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Nagpur

खस्ताहाल सड़कों पर लगेगा ब्रेक, नागपुर मनपा ने मरम्मत के लिए सख्त SOP लागू किया; जियो-टैग फोटो, गुणवत्ता परीक्षण और सख्त दंड


नागपुर: बार-बार खुदाई और गड्ढों वाली सड़कों से परेशान नागपुरवासियों को अब राहत मिलने की उम्मीद है। नागपुर महानगरपालिका (NMC) ने AMRUT 2.0 के तहत पोहरा नदी प्रदूषण निवारण परियोजना में सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत को लेकर सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू किया है।

मनपा आयुक्त अभिजीत चौधरी द्वारा स्वीकृत इस SOP में खुदाई, पाइप बिछाने, भराई, और अंतिम मरम्मत की चरणबद्ध प्रक्रिया तय की गई है। प्रत्येक चरण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 95 प्रतिशत से अधिक कम्पैक्शन अनिवार्य किया गया है, जिसकी पुष्टि परियोजना प्रबंधन सलाहकार (PMC) करेंगे।

सड़क के प्रकार के अनुसार मरम्मत की संरचना तय की गई है। बिटुमिनस सड़कों पर 250 मिमी GSB, 150 मिमी WMM और 70 मिमी बिटुमिन परत जबकि सीमेंट कंक्रीट सड़कों पर 200 मिमी GSB, 100/150 मिमी ड्राय लीन कंक्रीट और M-40 PQC के साथ क्योरिंग अनिवार्य होगी। ठेकेदारों को प्रत्येक कार्य खंड में पांच चरणों की जियो-टैग व टाइमस्टैम्प तस्वीरें अपलोड करनी होंगी—बेडिंग, पाइप बिछाना, आंशिक भराई, पूरी भराई, और अंतिम मरम्मत। बिना इन तस्वीरों के बिल नहीं पास होंगे।

सुरक्षा व पर्यावरण मानकों के तहत बैरिकेडिंग, संकेतक बोर्ड, PPE और पैदल रास्ते की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। SOP के उल्लंघन पर काम अस्वीकृत हो सकता है, दंड लगेगा या ठेकेदार को दोबारा कार्य करना पड़ेगा। मनपा ने इसे नागरिकों की शिकायतों के समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।

जिम्मेदारी एवं सत्यापन व्यवस्था:


हर कार्य अनुभाग (चेनिज) के लिए ठेकेदारों को पांच अनिवार्य जियो-टैग और टाइमस्टैम्प वाली तस्वीरें अपलोड करनी होंगी, जो बिलिंग और सत्यापन का आधार होंगी।

  • बेडिंग लेयर फोटो – मलबा और पानी हटाने के बाद, पाइप बिछाने से पहले
  • पाइप बिछाने की फोटो – सीवरेज पाइप की सही स्थिति दिखाते हुए
  • आंशिक रिफिलिंग की फोटो – पाइप के ऊपर तक भराई और कम्पैक्शन के बाद
  • पूर्ण रिफिलिंग की फोटो – पूरी भराई और अंतिम कम्पैक्शन के बाद
  • अंतिम सतह बहाली की फोटो – पूरी तरह बनी सड़क (बिटुमिन या कंक्रीट), सभी चिह्नों सहित

इन सभी पांच तस्वीरों के बिना भुगतान की प्रक्रिया नहीं होगी। दस्तावेज अधूरे पाए जाने पर बिल नामंजूर कर दिए जाएंगे।