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"पीएम मोदी की हत्या करने के लिए निर्माण कंपनी ने किया निम्न दर्जे का निर्माण", राजकोट किले की घटना पर शरद पवार गुट नेता का बड़ा आरोप


नागपुर: सिंधुदुर्ग जिले में स्थित राजकोट किले पर बने छत्रपति शिवाजी महाराज का पुतले गिरने की घटना को लेकर राज्य में सियासत तेज है। विपक्षी महाविकास अघाड़ी लगातर इस घटना को लेकर राज्य की महायुति सरकार पर हमलावर है। अघाड़ी नेताओं द्वारा निर्माण में सरकार पर पैसे खाने का भी आरोप लगा रही है। इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार के नेता दुनेश्वर पेठे ने बड़ा दावा कर दिया है। पेठे ने घटना को साजिश बताते हुए कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करने के लिए जानबूझकर निम्न दर्जे के पुतले का निर्माण किया गया था। इसी के साथ पेठे ने मामले से जुड़े हुए अधिकारीयों पर कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से इस्तीफे की मांग की। 

दुनेश्वर पेठे ने कहा कि, "मालवण में जो पुतला गिरा है उसके पीछे कोई साजिश है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित राज्यपाल वहां मौजूद थे। हमें ऐसा लगता है जिस कंपनी ने पुतले का निर्माण किया गया वह निम्न दर्जे का था। पुतले के निचे दबाकर प्रधानमंत्री मोदी की मौत हो जाये इसको लेकर अधिकारीयों और ठेकेदारों की कोई साजिश नहीं थी।"

उन्होंने आगे कहा, "राज्य में सालो से पुतले और किले खड़े हुए हैं, लेकिन आठ महीने पहले बना पुतला टूटकर गिर गया। महाराष्ट्र की इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ।" उन्होंने आगे कहा, "पुतला निर्माण के दौरान जंग लगे हुए नटबोल्ड और सरिया का इस्तेमाल किया गया। इसलिए हम इस मामलेमे शामिल सभी अधिकारीयों के खिलाफ कार्रवाई सहित राज्य के प्रमुख होनेके नाते मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से इस्तीफे की मांग करते हैं।"