logo_banner
Breaking
  • ⁕ कर्जदार किसान की 'किडनी बिक्री' मामले में नया मोड़! फरार चल रहे डॉ. रवींद्र पाल सिंह ने कोर्ट में किया सरेंडर, दूसरा मुख्य आरोपी अब भी फरार ⁕
  • ⁕ लाडली बहन योजना में बड़ा खेल! 12 हजार सरकारी कर्मचारियों ने बटोरे पैसे; विधानसभा में सरकार ने कबूली चौंकाने वाली बात ⁕
  • ⁕ Nagpur: बजाजनगर के अवैध रेस्टोरेंट्स पर चलेगा बुलडोजर! हाईकोर्ट की फटकार के बाद फडणवीस सरकार ने खारिज की अपील ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र विधानसभा: मानसून सत्र के तीसरे दिन किसानों के लिए बड़ा ऐलान, 30 जून तक 56 लाख किसानों की कर्जमाफी ⁕
  • ⁕ NEET सेंटर विवाद में बड़ा ट्विस्ट! NTA बोली- अभ्यर्थी ने खुद चुना था एग्जाम सिटी"; पिता तालिब ने दावे को किया ख़ारिज ⁕
  • ⁕ अमरावती में भारी हंगामा: किरीट सोमैया की गाड़ी के आगे लेटे MIM कार्यकर्ता, पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाया ⁕
  • ⁕ खड़ी निजी बस में लगी आग, टेकड़ी रोड के एमपी बस स्टैंड की घटना; परिसर में मचा हड़कंप ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

राज्य के एक लाख अज्ञात मंदिरों की मूर्तियों का कुंभ से लाये गंगा जल से होगा अभिषेक, वीएचपी ने किया ऐलान


नागपुर: राज्य के एक लाख अज्ञात मंदिरों की मूर्तियों का कुंभ से लाए गए गंगा जल से अभिषेक किया जाएगा। इसके अलावा, विहिप के क्षेत्र मंत्री गोविंद शेंडे और मंदिर आयाम के क्षेत्र संपर्क प्रमुख अनिल सांबरे ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में लोगों से अपील की कि वे गैर-हिंदू बहुल बस्तियों में बचे हुए संवेदनशील मंदिरों में स्थित मूर्तियों का कुंभ के गंगा जल से अभिषेक करें और उनकी तस्वीरें लेकर उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट करें। शेंडे और साम्ब्रे ने यह भी बताया कि गुड़ी पड़वा से हनुमान जयंती तक रामोत्सव मनाया जाएगा। उन्होंने यह भी आदेश दिया है कि रामोत्सव को विभिन्न तरीकों से बड़े पैमाने पर मनाया जाना चाहिए।

हमारा हिन्दू नववर्ष 5126 अभी चल रहा है। आगामी चैत्र शुद्ध प्रतिपदा से नव संवत्सर 5127 प्रारंभ होगा। हिंदू नववर्ष 1 जनवरी से नहीं, बल्कि चैत्र के पहले दिन से शुरू होता है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज की यह स्वाभाविक अपेक्षा है कि मंदिर इस नववर्ष का स्वागत करने में धार्मिक क्षेत्र का नेतृत्व करें।