logo_banner
Breaking
  • ⁕ महाराष्ट्र में मौसम का डबल अटैक: विदर्भ-मराठवाड़ा में 44°C के पार पहुंचा पारा, अब बेमौसम बारिश और आंधी का अलर्ट ⁕
  • ⁕ प्रफुल्ल पटेल का विरोधियों को दोटूक- "अभी 2026 चल रहा है, 2029 का रण अभी दूर", पवार परिवार का भी माना आभार ⁕
  • ⁕ 17 लाख सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, सरकार के लिखित आश्वासन के बाद काम पर लौटेंगे शिक्षक और कर्मी ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'गाली' कांड पर झुके शिवसेना विधायक संजय गायकवाड, जताया खेद; पर शिवाजी महाराज के 'सम्मान' पर अब भी अडिग ⁕
  • ⁕ 'हाई प्रोफाइल LSD' नशे की चपेट में संतरा नगरी; पढ़ाई छोड़ ड्रग्स बेच रहे थे छात्र, पुलिस ने दो को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Gondia: डी-लिमिटेशन पर कांग्रेस आक्रामक “नारी शक्ति विधेयक का विरोध नहीं, BJP फैला रही फेक नैरेटिव” ⁕
  • ⁕ धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान, कहा-'4 बच्चे पैदा करें, एक RSS को दें'; कॉर्पोरेट जिहाद को लेकर गोविंददेव गिरी ने दी तीखी चेतावनी ⁕
  • ⁕ Ramtek: नवरगांव स्थित टूरिस्ट ढ़ाबा के कुक की छह माह बाद मिली लाश, पुलिस ने ढ़ाबे के 4 कर्मचारियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Wardha: आपूर्ति विभाग की बड़ी कार्रवाई, हजारों टन अवैध गेहूं-चावल जब्त, बजरंग दल की सतर्कता से गोदाम सील ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Nagpur

जून महीने में नागपुर में हुई मात्र 97.9 एमएम बारिश, औसतन से 44 प्रतिशत कम


नागपुर: विदर्भ क्षेत्र में इस वर्ष जून महीने के अंत तक मानसून की रफ्तार बेहद धीमी रही, जिसका सबसे बड़ा असर नागपुर जिले में देखने को मिला। नागपुर में 1 जून से 30 जून तक कुल 97.9 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 173.9 मिमी होनी चाहिए थी। इस तरह बारिश में 44 प्रतिशत की कमी आई है, जिसे "Deficient" यानी न्यूनतम की श्रेणी में रखा गया है।

विदर्भ के अन्य जिलों की स्थिति:
मौसम विभाग, नागपुर द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, विदर्भ के कुल 11 जिलों में से 4 जिले नागपुर, अमरावती, भंडारा और गोंदिया में औसत से कम वर्षा (Deficient) हुई है, जबकि 2 जिलों बुलढाणा और वाशिम में सामान्य से अधिक और बाकी में सामान्य बारिश दर्ज की गई है।

विदर्भ संभाग का औसत भी गिरा

विदर्भ संभाग की कुल औसत बारिश इस बार 155.2 मिमी रही, जबकि सामान्य बारिश 175.4 मिमी होती है। इसका मतलब है कि विदर्भ ने 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की है, हालांकि इसे अभी भी सामान्य श्रेणी में गिना गया है।

खेती पर संकट के बादल
बारिश में कमी का सबसे सीधा असर खेती-बाड़ी और बुवाई पर पड़ा है। नागपुर और आसपास के क्षेत्रों में कई किसानों ने शुरुआती बारिश को देखकर बुवाई कर दी थी, लेकिन अब उन्हें दोबारा बुवाई करने की नौबत आ रही है। इससे खर्च बढ़ेगा और उत्पादन पर असर पड़ सकता है।