logo_banner
Breaking
  • ⁕ 2013 यौन उत्पीड़न मामला: तरुण तेजपाल दोषी करार, बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा ⁕
  • ⁕ चंद्रपुर महापालिका में बदलते सियासी समीकरण, मुनगंटीवार समर्थक महापौर को वडेट्टीवार खेमे का सहारा ⁕
  • ⁕ 7 करोड़ 68 लाख की ठगी का पर्दाफाश, महिलाओं को कर्ज का झांसा देकर करोड़ों का खेल; मास्टरमाइंड मंदा गुमगावकर गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ एलोपैथी अभ्यास की अनुमति के खिलाफ डॉक्टरों का आंदोलन, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कर रही है सरकार ⁕
  • ⁕ यातायात पुलिस का 'गांधीगिरी' पैटर्न! अकोला में हेलमेट पहनने वालों का गुलाब देकर स्वागत, तो नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई ⁕
  • ⁕ नागपुर में SIR अभियान से हड़कंप, मतदाता सूची से हटने जा रहे करीब 6 लाख नाम! ⁕
  • ⁕ रामटेक में हिट एंड रन, तेज रफ्तार कार ने बाइक को मारी टक्कर; नवविवाहित युवक की मौत, दूसरा गंभीर ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

जून महीने में नागपुर में हुई मात्र 97.9 एमएम बारिश, औसतन से 44 प्रतिशत कम


नागपुर: विदर्भ क्षेत्र में इस वर्ष जून महीने के अंत तक मानसून की रफ्तार बेहद धीमी रही, जिसका सबसे बड़ा असर नागपुर जिले में देखने को मिला। नागपुर में 1 जून से 30 जून तक कुल 97.9 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 173.9 मिमी होनी चाहिए थी। इस तरह बारिश में 44 प्रतिशत की कमी आई है, जिसे "Deficient" यानी न्यूनतम की श्रेणी में रखा गया है।

विदर्भ के अन्य जिलों की स्थिति:
मौसम विभाग, नागपुर द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, विदर्भ के कुल 11 जिलों में से 4 जिले नागपुर, अमरावती, भंडारा और गोंदिया में औसत से कम वर्षा (Deficient) हुई है, जबकि 2 जिलों बुलढाणा और वाशिम में सामान्य से अधिक और बाकी में सामान्य बारिश दर्ज की गई है।

विदर्भ संभाग का औसत भी गिरा

विदर्भ संभाग की कुल औसत बारिश इस बार 155.2 मिमी रही, जबकि सामान्य बारिश 175.4 मिमी होती है। इसका मतलब है कि विदर्भ ने 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की है, हालांकि इसे अभी भी सामान्य श्रेणी में गिना गया है।

खेती पर संकट के बादल
बारिश में कमी का सबसे सीधा असर खेती-बाड़ी और बुवाई पर पड़ा है। नागपुर और आसपास के क्षेत्रों में कई किसानों ने शुरुआती बारिश को देखकर बुवाई कर दी थी, लेकिन अब उन्हें दोबारा बुवाई करने की नौबत आ रही है। इससे खर्च बढ़ेगा और उत्पादन पर असर पड़ सकता है।