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Nagpur

'सातनवारी' बना महाराष्ट्र का पहला स्मार्ट इंटेलिजेंट विलेज, मुख्यमंत्री फडणवीस ने किया उद्घाटन; कहा- 'डिजिटल इंडिया' के सपने को नई दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम


नागपुर: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज नागपुर के पास स्थित सातनवारी गाँव में भारत के पहले 'स्मार्ट इंटेलिजेंट विलेज' पायलट प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के उपयोग से सातनवारी को एक आत्मनिर्भर और डिजिटल गाँव में बदलना है, जिससे यह पूरे देश के लिए एक मॉडल के रूप में काम कर सके।

ग्रामीण जीवन को बेहतर करने और तकनीक का इस्तेमाल कर नागरिकों के जीवन में बदलाव लाने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार और वॉइस ऑफ इंडियन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी एंटरप्राइजेज प्रमुख तकनीकी उद्योग समूह ने मिलकर योजना की शुरुआत की है। इसके तहत पायलट प्रोजेक्ट के तहत नागपुर ग्रामीण तहसील के सातनवारी गाँव में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया। रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने परियोजना की शुरुआत की। इस दौरान पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, सहित वॉइस कंपनी के पदाधिकारी सहित तमाम विधायक मौजूद रहे।

इस मॉडल को विशेष रूप से ग्रामीण जीवन के विभिन्न पहलुओं को बेहतर बनाने के लिए तैयार किया गया है। परियोजना के तहत गाँव में की गईं प्रमुख पहलें, 

  • स्मार्ट कृषि: गाँव में फसलों की निगरानी और खेती को आसान बनाने के लिए ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही, पानी के कुशल उपयोग के लिए स्मार्ट सिंचाई प्रणाली भी स्थापित की गई है।
  • डिजिटल प्रशासन: सरकारी कामकाज और निगरानी को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल समाधानों को अपनाया गया है।
  • आधुनिक शिक्षा: यहाँ के स्कूलों को पूरी तरह से डिजिटल बना दिया गया है, ताकि छात्रों को आधुनिक शिक्षा मिल सके।
  • वित्तीय सेवाएं: गाँव में पैसों के लेनदेन को आसान बनाने के लिए मोबाइल बैंकिंग और अन्य डिजिटल वित्तीय सेवाओं की शुरुआत की गई है।


'डिजिटल इंडिया' के सपने को साकार करने में एक महत्वपूर्ण कदम

इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह परियोजना 'डिजिटल इंडिया' के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य सिर्फ शहरों का विकास करना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों को भी आधुनिक बनाना है। सातनवारी का यह मॉडल बताएगा कि कैसे तकनीक की मदद से गाँवों में जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सकता है।" मुख्यमंत्री फडणवीस ने परियोजना के लिए तैयार की गई चीजों के रखरखाव के लिए जिला परिषद् के साथ समिति बनाने और काम करने का आवाहन किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने आने वाले सालों में राज्य के सभी ग्राम को स्मार्ट विलेज में बदलने की बात कही है।