logo_banner
Breaking
  • ⁕ 1 अगस्त से एसटी में रियायत के लिए स्मार्ट कार्ड अनिवार्य, राज्यभर में 51 लाख यात्रियों ने कराया पंजीकरण ⁕
  • ⁕ Nagpur: धर्मांतरण के दबाव और शोषण का आरोप, दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार ⁕
  • ⁕ Bhandara: वरठी में दीये की बत्ती से लकड़ी के पुराने घर में लगी आग; जान का नुकसान नहीं, घर में रखा सामान जला ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में एमडी ड्रग्स की बिक्री, क्राइम ब्रांच ने दो को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ बढ़ता जा रहा मानसून का इंताजर, उमस और गर्मी से नागरिक परेशान; विदर्भ में तापमान फिर 44 डिग्री के पार ⁕
  • ⁕ अमरावती में भारी हंगामा: किरीट सोमैया की गाड़ी के आगे लेटे MIM कार्यकर्ता, पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाया ⁕
  • ⁕ खड़ी निजी बस में लगी आग, टेकड़ी रोड के एमपी बस स्टैंड की घटना; परिसर में मचा हड़कंप ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

Nagpur: वेतन को लेकर आपली बस कर्मियों की हड़ताल, प्रवासियों को हुई बड़ी परेशानी


नागपुर: शहर में चलने वाली मनपा की 'आपली बस' के चालकों द्वारा वेतन न मिलने के विरोध में हड़ताल पर चले जाने के कारण बुधवार को सिटी बस सेवाएं बाधित रहीं। परिणामस्वरूप, आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कष्ट उठाना पड़ा। ऑटोरिक्शा चालकों ने मनमाना किराया वसूल कर यात्रियों को लूटा। नागपुर में आपली बस अनुबंध कर्मचारी बुधवार सुबह हड़ताल पर चले गए। इसलिए शहर में किसी भी रूट पर कोई सिटी बस नहीं चली। 

महाराष्ट्र सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में संशोधन किया है। तदनुसार, ड्राइवरों और वाहकों को भुगतान किया जाना अपेक्षित है। लेकिन पिछले साढ़े चार महीने से बढ़ी हुई मजदूरी का बकाया भुगतान नहीं किया गया है। ड्राइवरों और ट्रांसपोर्टर यूनियनों ने मनपा को मंगलवार को हड़ताल की चेतावनी दी थी। लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसलिए आज ड्राइवर और ट्रांसपोर्टर हड़ताल पर चले गए। शहर में किसी भी मार्ग पर कोई सिटी बस नहीं थी। इसलिए स्कूली बच्चों और नौकरों को स्कूल, दफ्तर और घर आने-जाने के लिए ऑटोरिक्शा लेना पड़ता था। कुछ लोगों ने मेट्रो से यात्रा की।

राज्य के उद्योग, श्रम और खान विभाग ने ड्राइवरों और ट्रांसपोर्टरों के लिए न्यूनतम वेतन में संशोधन करते हुए एक अधिसूचना जारी की थी। पिछले अक्टूबर में इसके कार्यान्वयन का विरोध किया गया था। इसके बाद वेतन वृद्धि की मांग स्वीकार कर ली गई। हकीकत में कोई वेतन वृद्धि नहीं दी गई। पिछले साढ़े चार महीने से वेतन वृद्धि बकाया थी। इसके लिए ड्राइवरों और ट्रांसपोर्टरों के संघों ने हड़ताल की चेतावनी दी थी।

सरकार के निर्णय के अनुसार, राज्य भर के कर्मचारियों को वर्ग ए और वर्ग बी मनपा में विभाजित किया गया है। बताया गया है कि मनपा श्रेणी ए के अंतर्गत आने वाले ड्राइवरों को 19,625 रुपये वेतन मिलेगा, जबकि श्रेणी बी के अंतर्गत आने वाले ड्राइवरों को 18,975 रुपये वेतन मिलेगा। प्रशासन और बस सेवा प्रदान करने वाले ठेकेदार (ऑपरेटर) के बीच इस बात को लेकर दुविधा थी कि बकाया राशि का भुगतान कौन करे। इस संबंध में वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील मनोहर की राय मांगी गई। यह निर्णय लिया गया है कि ऑपरेटर पहले मनपा को बकाया राशि का भुगतान करेगा और उसके बाद मनपा इसे वाहकों और ड्राइवरों को देगा।

2015 के सरकारी आदेश के अनुसार न्यूनतम वेतन 250 रुपये तय किया गया था। 15,000. जी.आर. में पांच साल के बदलाव के बाद, 2020 के जी.आर. में न्यूनतम वेतन (मूल) बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया गया। इस नए ढांचे के अनुसार, ड्राइवरों को लगभग 22,000 रुपये और कंडक्टरों को लगभग 20,000 रुपये मिलने चाहिए थे, लेकिन वास्तव में ड्राइवरों और कंडक्टरों को केवल 12,000 से 14,000 रुपये ही मिल रहे थे। नये जी.आर. में मूल वेतन में 1,000 रुपये की भी वृद्धि नहीं की गयी है।