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Nagpur

नागपुर विश्वविद्यालय पर भाजयुमो का धावा, छात्रों की लंबित मांगों को लेकर कुलगुरु को सौंपा 20 सूत्रीय ज्ञापन


नागपुर: राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में छात्रों की लंबित समस्याओं और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के खिलाफ मंगलवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा ने जोरदार आंदोलन किया। भाजपा शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी के मार्गदर्शन में और भाजयुमो अध्यक्ष सचिन करारे के नेतृत्व में विश्वविद्यालय परिसर पर धड़क मोर्चा निकाला गया।

इस आंदोलन में भाजपा महामंत्री श्रीकांत आगलावे, रितेश गावंडे और सिनेट सदस्य विष्णू चांगदे समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। आंदोलन के दौरान “भारत माता की जय” के नारों से पूरा विश्वविद्यालय परिसर गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए छात्रों की समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।

स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस को बुलाया। इसके बाद पुलिस ने कई आंदोलनकारियों को हिरासत में लेकर अंबाझरी पुलिस स्टेशन पहुंचाया। हालांकि बाद में भाजयुमो के प्रतिनिधिमंडल ने कुलगुरु से मुलाकात कर 20 सूत्रीय मांगों का विस्तृत ज्ञापन सौंपा। कुलगुरु ने स्वयं ज्ञापन स्वीकार कर प्रतिनिधिमंडल से चर्चा की और मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।

48 घंटे का अल्टीमेटम

भाजयुमो ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो विश्वविद्यालय के खिलाफ और उग्र आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन में कहा गया कि विश्वविद्यालय को 100 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद चार जिलों के हजारों छात्रों को मानसिक और शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

छात्रों की प्रमुख मांगें

युवा मोर्चा ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने कई अहम मांगें रखीं। इनमें भीषण गर्मी के दौरान परीक्षा केंद्रों पर कूलर और पीने के पानी की व्यवस्था, परीक्षा टाइम टेबल एक माह पहले जारी करने, हॉल टिकट समय पर उपलब्ध कराने और रिजल्ट प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की मांग प्रमुख रही।

इसके अलावा ‘विथहेल्ड’ रिजल्ट की समस्या खत्म करने, तकनीकी गड़बड़ियों को दूर करने, ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए हेल्प डेस्क शुरू करने और री-इवैल्यूएशन के परिणाम समय पर घोषित करने की मांग भी उठाई गई।

भाजयुमो ने आरोप लगाया कि कई बार कॉलेजों द्वारा भेजे गए इंटरनल मार्क्स अंतिम रिजल्ट में शामिल नहीं किए जाते, जिससे छात्रों को नुकसान होता है। इस पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग भी ज्ञापन में की गई।

छात्राओं और CHB शिक्षकों के मुद्दे भी उठे

मोर्चा ने विश्वविद्यालय परिसर में छात्राओं के लिए स्वच्छ शौचालय और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुधारने की मांग की। साथ ही CHB और कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत प्राध्यापकों को बीमा सुरक्षा देने तथा नए शैक्षणिक सत्र से पहले उनकी नियुक्तियां करने की मांग भी उठाई गई। इसके अलावा विश्वविद्यालय प्रशासन से अधिकतर कामकाज ऑनलाइन करने और कुलगुरु द्वारा हर महीने जिलों के कॉलेजों का दौरा कर छात्रों से सीधा संवाद करने की मांग की गई। भाजयुमो अध्यक्ष सचिन करारे ने कहा कि यदि छात्रों को आगे भी इसी तरह परेशान किया गया तो संगठन विश्वविद्यालय के खिलाफ और बड़ा आंदोलन करेगा।