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Maharashtra

ईंधन बचत की मुहिम: पीएम मोदी की अपील पर एकनाथ शिंदे का बड़ा फैसला, अब इलेक्ट्रिक कार से चलेंगे उपमुख्यमंत्री


मुंबई: वैश्विक संकट और ईंधन की कमी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई 'किफायत' की अपील पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बेहद सकारात्मक कदम उठाया है। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए शिंदे ने न केवल अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या कम कर दी है, बल्कि खुद भी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) अपना लिया है।

काफिले में कटौती और EV का इस्तेमाल
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घोषणा की है कि ईंधन की बचत और फिजूलखर्ची रोकने के लिए उन्होंने अपने सुरक्षा काफिले में बदलाव किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब उनके साथ केवल उतनी ही गाड़ियां होंगी जो सुरक्षा के लिहाज से अनिवार्य हैं। ईंधन बचाने का आदर्श उदाहरण पेश करने के लिए उन्होंने खुद इलेक्ट्रिक कार का उपयोग शुरू कर दिया है और कैबिनेट के अन्य मंत्रियों को भी ऐसे ही निर्देश दिए हैं।

युद्ध के आर्थिक असर से बचने की अपील
दुनिया के कुछ हिस्सों में जारी युद्ध का जिक्र करते हुए शिंदे ने कहा कि इसके आर्थिक परिणाम पूरी दुनिया को भुगतने पड़ रहे हैं। ईंधन आयात के लिए देश को भारी मात्रा में डॉलर खर्च करने पड़ते हैं, इसलिए प्रत्येक भारतीय का पेट्रोल और डीजल का सीमित उपयोग करना राष्ट्रहित का कार्य है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि जिस तरह कोविड काल में देश को सुरक्षित रखा गया, उसी तरह अब 'नेशन फर्स्ट' की सोच के साथ ईंधन बचत के लिए आगे आना आवश्यक है।

"राजनीति का वक्त और जगह तय करें"
ईंधन संकट पर राजनीति करने वालों को आड़े हाथों लेते हुए शिंदे ने कहा कि विरोधियों को यह समझना चाहिए कि राजनीति कब और कहां करनी है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल पीएम मोदी को बदनाम करने के लिए यह सब कर रहा है, जबकि देश की 140 करोड़ जनता मोदी के साथ है। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देश और विदेश में की जाने वाली उनकी टीका-टिप्पणी का परिणाम आज कांग्रेस भुगत रही है।

आर्थिक स्थिरता के लिए व्यक्तिगत प्रयास जरूरी
शिंदे ने केवल सरकारी स्तर पर ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों से भी ईंधन बचाने के लिए पुढाकार लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को व्यक्तिगत स्तर पर पेट्रोल और डीजल के उपयोग का बेहतर नियोजन करना चाहिए। यह कदम किसी एक दल के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए है।