दिल्ली जाने के दावे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का विरोधियों पर तंज, कहा- परसो ही गया था...; बोगस बीज पर फौजदारी मामला दर्ज करने की कही बात
नागपुर: विधानसभा के मानसून सत्र समाप्त होने और संत ज्ञानेश्वर महाराज और संत तुकाराम महाराज की पालकी के दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शनिवार को अपने गृह शहर नागपुर के दौरे पर पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न परियोजनाओं का निरक्षण किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विरोधियों द्वारा फैलाई जा रही उनके 'दिल्ली जाने' की चर्चाओं पर बेहद मजाकिया अंदाज में जवाब दिया। इसके साथ ही उन्होंने किसान कर्जमाफी, नकली सोयाबीन बीज, मानसून की स्थिति, नागपुर में बनने वाले देश के सबसे बड़े एग्रो कन्वेंशन सेंटर और एटीएस (ATS) की बड़ी कार्रवाई पर अहम जानकारियां साझा कीं।
"मैं परसों ही तो दिल्ली गया था..." – फडणवीस का करारा तंज
पिछले कुछ दिनों से देवेंद्र फडणवीस के दिल्ली की राजनीति में जाने की अटकलें तेज हैं। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने दावा किया था कि फडणवीस को दिल्ली में बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी और उनकी जगह चंद्रशेखर बावनकुले मुख्यमंत्री बनेंगे। आदित्य ठाकरे ने भी भविष्यवाणी की थी कि यह फडणवीस का आखिरी विधानसभा सत्र है। इस पर जब पत्रकारों ने सीधे पूछा, "क्या आप देश का नेतृत्व करने दिल्ली जा रहे हैं?" तो फडणवीस ने मुस्कुराते हुए चुटकी ली, "मैं परसों ही तो दिल्ली गया था।" इस एक वाक्य से उन्होंने कयासों पर विराम लगा दिया।
ऐतिहासिक कर्जमाफी पर शरद पवार का जताया आभार
सत्र में घोषित किसान कर्जमाफी पर बोलते हुए फडणवीस ने कहा कि यह महाराष्ट्र के इतिहास की सबसे बड़ी कर्जमाफी है। पहले 'महात्मा ज्योतिराव फुले कर्जमाफी योजना' का लाभ लेने के बाद जो किसान दोबारा डिफॉल्टर हो गए थे, उन्हें शुरू में 50 हजार रुपये की राहत देने का विचार था। लेकिन सत्ताधारी विधायकों के आग्रह पर 50 हजार की शर्त हटाकर सीधे दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी का ऐतिहासिक फैसला लिया गया। इस फैसले की शरद पवार द्वारा तारीफ किए जाने पर फडणवीस ने कहा, "मैंने उनका आभार खुद नहीं सुना, लेकिन अगर उन्होंने तारीफ की है, तो मैं उनका आभारी हूँ।"
नकली सोयाबीन बीज बेचने वालों पर एफआईआर
विदर्भ सहित राज्य में नकली सोयाबीन बीजों के कारण किसानों को हो रहे नुकसान पर सरकार ने बेहद सख्त कदम उठाए हैं। फडणवीस ने बताया कि कम अंकुरण क्षमता वाले बीजों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच के लिए कुल 5 हजार सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 300 फेल हो चुके हैं। दोषी कंपनियों के केवल लाइसेंस रद्द नहीं किए जाएंगे, बल्कि उनके खिलाफ सीधे फौजदारी (क्रिमिनल) मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
सूखे के हालात और किसानों को सलाह
राज्य में बारिश की खेंच पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "विदर्भ में 10 दिनों का 'ड्राय स्पेल' आया है और बारिश में 19% की कमी है। हमने पहले ही बताया था कि 'अल नीनो' के प्रभाव के कारण बारिश कम होगी और दो स्पेल के बीच अंतर रहेगा।" उन्होंने संतोष जताया कि किसानों ने सरकार की सलाह मानकर शुरुआती 'धूल-बुवाई' (धूळपेरणी) नहीं की। अब कुएं और अन्य सिंचाई साधनों का उपयोग करके 'प्रोटेक्टिव इरिगेशन' (संरक्षित सिंचाई) दी जाए, तो फसलें बचाई जा सकती हैं।
मोशी हादसा और ATS की बड़ी कार्रवाई
पुणे के मोशी में हुए इमारत हादसे पर उन्होंने कहा कि इस इमारत की कुछ मंजिलें अवैध होने की बात सामने आई है। मामले की गहन जांच के आदेश दे दिए गए हैं। बचाव कार्य लगभग पूरा हो चुका है, अब दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। इसके अलावा, फडणवीस ने अंत में एक बड़ी जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में एटीएस (ATS) ने हाल ही में एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। इसकी पूरी जानकारी जल्द ही सार्वजनिक की जाएगी।
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