मुंबई के बाद नागपुर में 18 जुलाई को राम रक्षा आंदोलन करेगी शिवसेना यूबीटी; उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे सहित बड़े नेता होने शामिल
नागपुर: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी का 'रामरक्षा' आंदोलन अब नागपुर में होने जा रहा है। आगामी 18 जुलाई को पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की उपस्थिति में यह आंदोलन आयोजित किया जाएगा। महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का गृह नगर होने के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मुख्यालय भी है, जिसके कारण इस आंदोलन को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अयोध्या में राम मंदिर के लिए एकत्रित किए गए दान में कथित घोटाले का आरोप लगाते हुए शिवसेना (यूबीटी) ने सीधे भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का गंभीर दावा है कि भाजपा के शासनकाल में ही प्रभु रामचंद्र के मंदिर की दानपेटी पर डाका डाला गया है।
इस मामले में शिवसेना (यूबीटी) नेता और सांसद संजय राउत ने कहा कि कुछ लोगों की गिरफ्तारी हुई है और न्यास (ट्रस्ट) के प्रमुखों को इस्तीफे देने पड़े हैं, लेकिन इसके मुख्य सूत्रधार अब भी खुले घूम रहे हैं। राउत ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, "खुद को हिंदुत्ववादी समझने वाली संस्थाओं और संगठनों द्वारा पोषित डाकू और चोर आज भी अयोध्या में सक्रिय हैं।"
पार्टी के अनुसार, राम मंदिर और प्रभु श्रीराम की बदनामी के विरोध में ही नागपुर की धरती पर यह 'रामरक्षा' आंदोलन गरजने वाला है। इस आंदोलन के जरिए शिवसेना (यूबीटी) विदर्भ क्षेत्र में एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने की तैयारी में है। इस दौरान उद्धव ठाकरे के साथ युवासेना प्रमुख आदित्य ठाकरे और पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। पार्टी ने विश्वास जताया है कि पूरे विदर्भ से शिवसैनिक और रामभक्त बड़ी संख्या में इस आंदोलन में शामिल होंगे।
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