ओबीसी समाज को बड़ी राहत! ‘नॉन क्रीमीलेयर’ सीमा 8 लाख से बढ़ाकर 15 लाख करने की सिफारिश
मुंबई: महाराष्ट्र के ओबीसी समाज के लिए बड़ी और राहतभरी खबर सामने आई है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता में हुई उपसमिति की बैठक में ओबीसी वर्ग के लिए लागू ‘नॉन क्रीमीलेयर’ आय सीमा को 8 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने की महत्वपूर्ण सिफारिश की गई है। इस प्रस्ताव पर आगे की कार्रवाई के लिए जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही ओबीसी वर्ग में 43 नई जातियों को शामिल करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने का बड़ा फैसला भी लिया गया है। इससे राज्य के कई समाजों को आरक्षण और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता खुल सकता है।
जात सत्यापन मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश
बैठक में ओबीसी छात्रों की शैक्षणिक सुविधाओं और प्रशासनिक समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जात सत्यापन के लंबित मामलों का तुरंत निपटारा किया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी फर्जी व्यक्ति को जात प्रमाणपत्र न मिले, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक हकदारों तक पहुंचे।
उच्च शिक्षा लेने वाली लड़कियों को 100% फीस माफी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि राज्य सरकार ओबीसी, VJNT, SBC और अन्य पिछड़े वर्गों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए छात्रवृत्ति, विदेश में पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता और विशेष रूप से उच्च शिक्षा लेने वाली छात्राओं को 100 प्रतिशत फीस माफी जैसी योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं।
36 जिलों में 72 छात्रावास
सरकार द्वारा ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के छात्रों को शिक्षा से जोड़ने के लिए आश्रमशालाएं संचालित की जा रही हैं। राज्य के 36 जिलों में लड़के और लड़कियों के लिए कुल 72 छात्रावास शुरू किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके लिए मंत्री अतुल सावे लगातार प्रयास कर रहे हैं।
‘स्वयम्’ योजना के तहत 60 हजार तक सहायता
जिन छात्रों को छात्रावास में प्रवेश नहीं मिल पाता, उनके लिए सरकार ने ‘स्वयम्’ योजना शुरू की है। इस योजना के तहत छात्रों को रहने और शिक्षा के खर्च के लिए 60 हजार रुपये तक आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके अलावा ‘महाज्योति’ संस्था के माध्यम से यूपीएससी और एमपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 29 छात्रों ने यूपीएससी और 118 छात्रों ने एमपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की है।
रोजगार और सौर ऊर्जा को भी बढ़ावा
राज्य सरकार युवाओं के स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए ओबीसी महामंडल के माध्यम से 15 लाख रुपये तक का सरकारी गारंटी वाला ऋण उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा ‘मोदी आवास योजना’ के जरिए घर निर्माण के लिए आर्थिक सहायता और सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए अलग से अनुदान भी दिया जा रहा है।
योजनाओं में और सुधार का आश्वासन
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि ओबीसी समाज के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं को और प्रभावी बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। समिति से मिलने वाले सुझावों पर गंभीरता से विचार कर भविष्य में योजनाओं में आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
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