Buldhana: एकनाथ शिंदे पर आरोपों से भड़के विधायक संजय गायकवाड, अंजली दमानिया को दिया 'टिव-टिव' न करने का मशविरा
बुलढाणा: महाराष्ट्र की राजनीति में 'भोंदू बाबा' अशोक खरात के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) को लेकर शुरू हुआ विवाद अब निजी हमलों और तीखी बयानबाजी तक पहुँच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमानिया द्वारा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर लगाए गए आरोपों के बाद शिंदे गुट के आक्रामक विधायक संजय गायकवाड ने मोर्चा संभाल लिया है। गायकवाड ने दमानिया के आरोपों को 'बेशर्मी की हद' करार देते हुए उन पर तीखा पलटवार किया है।
क्या है पूरा विवाद?
सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमानिया ने हाल ही में एक सनसनीखेज दावा किया था कि उनके हाथ भोंदू बाबा अशोक खरात का मोबाइल सीडीआर लगा है। दमानिया के अनुसार, इस रिकॉर्ड से पता चलता है कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने खरात को कई बार कॉल किए थे। इन कॉल रिकॉर्ड्स के आधार पर दमानिया ने सीधे शिंदे की भूमिका पर सवाल उठाए और उन पर बाबा को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए।
गायकवाड का 'बेशर्मी' वाला प्रहार
इन आरोपों से तिलमिलाए शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक संजय गायकवाड ने बुलढाणा में मीडिया से बात करते हुए अंजली दमानिया पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, "एकनाथ शिंदे जैसे कद्दावर और जमीन से जुड़े नेता पर इस तरह के गंदे और निराधार आरोप लगाना पूरी तरह से बेशर्मी का लक्षण है। कुछ महिलाएं इस मामले में बेवजह 'टिव-टिव' (बकबक) कर रही हैं और अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश कर रही हैं। उन्हें बिना किसी सबूत के इस तरह का राजकारण बंद करना चाहिए।"
राजनीतिक गलियारों में हलचल
गायकवाड ने आगे कहा कि किसी का नाम सीडीआर में होने मात्र से वह दोषी नहीं हो जाता और मुख्यमंत्री के कद के नेता को इस तरह के विवादों में घसीटना केवल उन्हें बदनाम करने की साजिश है। दूसरी ओर, विपक्षी दल और सामाजिक कार्यकर्ता इस मामले की गहराई से जांच की मांग कर रहे हैं।
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