logo_banner
Breaking
  • ⁕ अकोला में असदुद्दीन ओवैसी का विवादस्पद बयान, कहा - हमारा उम्मीदवार जीतने के बाद … ⁕
  • ⁕ Bhandara: लाखनी वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध लकड़ी परिवहन पकड़ा, करीब 20 लाख रुपये का माल जब्त ⁕
  • ⁕ Parshivni: तीन माह में टूट गई 10 लाख की सड़क, घाटपेढ़री गांव में घटिया निर्माण करने का आरोप, ग्रामीणों ने की जांच और कार्रवाई की मांग ⁕
  • ⁕ फडणवीस के अमरावती दौरे पर यशोमती ठाकुर का तीखा हमला, कहा - महायुति का उद्देश्य सिर्फ सत्ता और पैसा ⁕
  • ⁕ Bhandara: खराशी गांव में चोरों का आतंक, एक ही रात चार दुकानों में सेंध, गांव में दहशत का माहौल ⁕
  • ⁕ Amravati: अत्याधिक ठंड का अरहर की फसल पर बुरा असर; अचलपुर तहसील में उत्पादन में बड़ी गिरावट ⁕
  • ⁕ Akola: अकोला महानगर पालिका चुनाव; भाजपा का 'नवसंकल्पनामा' ⁕
  • ⁕ चांदी के भाव में उछाल का दौर जारी; नागपुर सराफा बाजार में 2,53,500 प्रति किलो पर पहुंची चांदी ⁕
  • ⁕ Bhandara: लाखोरी गांव के पास घूम रहे तीन भालू, इलाके में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Nagpur: नकली एमडी बिक्री विवाद में युवक पर जान लेवा हमला, चाकू मार कर किया गंभीर रूप से घायल ⁕
Chandrapur

Chandrapur: नगरपरिषद उपाध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस को बड़ी राहत, विजय वडेट्टीवार के हस्तक्षेप से राजू रेड्डी बहुमत के साथ निर्वाचित


चंद्रपुर: चंद्रपुर जिले के घुग्घुस में कांग्रेस की सियासत उस वक्त बड़े संकट में आ गई, जब नगरपरिषद के उपाध्यक्ष पद को लेकर पार्टी के भीतर ही घमासान मच गया। हालात ऐसे बन गए थे कि कांग्रेस के हाथ से उपाध्यक्ष पद फिसलता नजर आ रहा था, लेकिन ऐन मौके पर विधायक विजय वडेट्टीवार के हस्तक्षेप ने तस्वीर ही बदल दी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर वडेट्टीवार समय रहते मैदान में नहीं उतरते, तो कांग्रेस को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता था।

7 जनवरी को घुग्घुस नगरपरिषद के उपाध्यक्ष पद को लेकर कांग्रेस में जबरदस्त सियासी तूफान खड़ा हो गया। नवनिर्वाचित नगरपरिषद में कांग्रेस के 11 नगरसेवक और दो निर्दलीयों का समर्थन होने के बावजूद पार्टी के भीतर दो गुट बन गए। एक गुट चाहता था कि उपाध्यक्ष पद कांग्रेस के ही नगरसेवक को मिले, जबकि दूसरे गुट ने राष्ट्रवादी कांग्रेस से चुने गए नगरसेवक रविश सिंह के नाम को आगे बढ़ाकर कांग्रेस को असहज स्थिति में डाल दिया।

स्थिति तब और बिगड़ गई जब रविश सिंह ने खुले तौर पर उपाध्यक्ष पद पर दावा ठोक दिया और कांग्रेस सांसद प्रतिभा धानोरकर के समर्थन की चर्चाओं ने पार्टी की अंदरूनी कलह को सार्वजनिक कर दिया। घुग्घुस कांग्रेस अध्यक्ष एवं नगरसेवक राजू रेड्डी द्वारा व्हिप जारी किए जाने के बावजूद संकट टलता नजर नहीं आ रहा था।

इसी निर्णायक मोड़ पर विधायक विजय वडेट्टीवार ने कमान संभाली और बागी तेवर दिखा रहे नगरसेवकों को साफ संदेश दिया कि कांग्रेस को जनता ने जनादेश दिया है और किसी दूसरे दल के नगरसेवक को समर्थन देना मतदाताओं का अपमान होगा। वडेट्टीवार के हस्तक्षेप के बाद स्थिति नियंत्रण में आई और उपाध्यक्ष पद के लिए मतदान कराया गया। मतदान में राजू रेड्डी को 16 मत मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार गणेश पिंपळकर को 7 मतों से संतोष करना पड़ा।

इस तरह राजू रेड्डी बहुमत के साथ घुग्घुस नगरपरिषद के उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। इस चुनाव में अहम संकेत यह रहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस के नगरसेवक रविश सिंह सहित दो नगरसेवकों ने अंततः कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन किया। इस घटनाक्रम ने चंद्रपुर कांग्रेस की पुरानी अंदरूनी गुटबाजी और धानोरकर–वडेट्टीवार वर्चस्व संघर्ष को फिर एक बार सामने लाकर रख दिया।