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Chandrapur

Chandrapur: "अवैध रेत उत्खनन और भारी वाहनों पर तुरंत रोक लगाई जाए", कांग्रेस की एसडीओ से मांग


चंद्रपुर: राजुरा तहसील के वर्धा नदी परिसर में धानोरा, आर्वी, विरूर स्टेशन सहित विभिन्न इलाकों में अवैध रेत उत्खनन और तस्करी का धंधा जोरशोर से जारी है। इस कारण शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। नियम, शर्तें और लाइसेंस प्रक्रिया की धज्जियाँ उड़ाकर कुछ जनप्रतिनिधियों के छुपे संरक्षण में रेत माफिया क्रेन, सैकड़ों ट्रैक्टर, टिपर और डंपर के जरिए दिनदहाड़े रेत खनन कर रहे हैं। यह चौंकाने वाला सच सामने आया है।

स्थानीय नागरिकों की बार-बार शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने से माफियाओं को खुली छूट मिल गई है। रात के अंधेरे में शुरू होने वाला यह परिवहन न केवल नदी के पात्र को बल्कि आसपास की सड़कों को भी तहस-नहस कर रहा है। भेंडाला – विरूर स्टेशन – अमृतगुडा मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण निजी व शासकीय वाहनों की आवाजाही ठप्प हो गई है। शालेय विद्यार्थियों को भारी कठिनाइयाँ झेलनी पड़ रही हैं। नागरिक और छात्र मानो अपनी जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर हैं।

पुरातत्व और पर्यावरणीय नियमों के अनुसार, महत्त्वपूर्ण स्थलों से 300 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का उत्खनन निषिद्ध है। मगर इन नियमों को दरकिनार कर रेत माफिया खुलेआम पुल, पक्की सड़कों और प्राकृतिक संसाधनों का विनाश कर रहे हैं। प्रशासन पर इस गंभीर मुद्दे पर “सुविधाजनक अनदेखी” करने का आरोप स्थानीय समाज घटकों और पर्यावरणप्रेमियों ने लगाया है इसी पृष्ठभूमि पर, तालुका कांग्रेस कमेटी राजुरा की ओर से उपविभागीय अधिकारी, तहसीलदार और पुलिस निरीक्षक को ज्ञापन देकर अवैध रेत खनन और परिवहन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई। साथ ही, यदि तत्काल सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो जोरदार आंदोलन छेड़ने की चेतावनी भी कांग्रेस नेताओं ने दी।

इस मौके पर युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष शंतनू धोटे, तालुकाध्यक्ष रंजन लांडे, सभापति विकास देवाळकर, युवा कांग्रेस तालुकाध्यक्ष इर्शाद शेख, सुरेश पावडे, धनराज चिंचोलकर, रामभाऊ धुमणे, मंगेश गुरनुले, प्रणय लांडे, अभिजीत भुते, हेमंत झाडे, सुभाष बोरकुटे समेत तालुका कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।