logo_banner
Breaking
  • ⁕ लेटर', व्हिप और अपात्रता की धमकी; धानोरकर-वडेट्टीवार संघर्ष से चंद्रपुर कांग्रेस में सियासी तूफान ⁕
  • ⁕ गडकरी ने भारत सरकार 12 साल के प्रवास के बारे में दी जानकारी, कहा- जो विकास 2014 से पहले देश में नहीं हुआ, वो 12 साल में हुआ है ⁕
  • ⁕ Buldhana: “दो दिन में खाद का बफर स्टॉक खोलो, नहीं तो अधिकारियों को भी देंगे फटका!”; DAP खाद की कमी पर रविकांत तुपकर आक्रामक ⁕
  • ⁕ Yavatmal: विधायक राजू तोड़साम की पत्नी की कार का एक्सीडेंट; पत्नी के सिर और ड्राइवर के पीठ में लगी चोट ⁕
  • ⁕ बढ़ता जा रहा मानसून का इंताजर, उमस और गर्मी से नागरिक परेशान; विदर्भ में तापमान फिर 44 डिग्री के पार ⁕
  • ⁕ अमरावती में भारी हंगामा: किरीट सोमैया की गाड़ी के आगे लेटे MIM कार्यकर्ता, पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाया ⁕
  • ⁕ खड़ी निजी बस में लगी आग, टेकड़ी रोड के एमपी बस स्टैंड की घटना; परिसर में मचा हड़कंप ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

युवक कांग्रेस में छिड़ा विवाद, न्याय पाने के लिए पदाधिकारी पहुंचे कोर्ट


नागपुर: नागपुर में युवक कांग्रेस में विवाद छिड़ गया है. यूथ कांग्रेस के 49 पदाधिकारियों पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद अब संबंधित पदाधिकारियों ने यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुणाल राउत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. पदाधिकारियों अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास और राष्ट्रीय प्रभारी कृष्णा अल्लावरु से नागपुर और रामटेक लोकसभा में निष्क्रिय रहे कुणाल राऊत को कारण बताओ नोटिस जारी करने की मांग की है।

युवक कांग्रेस के जिन 49 पदाधिकारियों ने कार्रवाई का मांग की है, उनमें से कुछ ने अपने सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र की शुरुआत कांग्रेस से ही की है. लेकिन पार्टी में हो रहे भेदभाव के चलते पदाधिकारियों ने इस कार्रवाई की मांग की है. इन पदाधिकारियों की शिकायत है कि जो नियम दूसरों के लिए वो प्रदेश अध्यक्ष के लिए क्यों नहीं? संगठन में विधानसभा अध्यक्ष से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक सभी के लिए समान नियम होना चाहिए। उन्होंने भी कोई काम नहीं किया तो उनपर कार्रवाई क्यों नहीं? यह सवाल उठाते हुए ये पदाधिकारी अब न्याय पाने के लिए दिल्ली कोर्ट की शरण में पहुंचे हैं. 

संबंधित नोटिस जारी कर यह दिखाने का प्रयास किया गया कि पदाधिकारियों ने पार्टी विरोधी काम किया गया है. पदाधिकारियों ने उनकी छवि खराब करने की साजिश करने की बात का ज्ञान लेने की मांग की है.