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Chandrapur

धानोरकर गुट का ‘ऑपरेशन गुटनेता’ सफल; सुरेंद्र अडबाले बने मनपा कांग्रेस के नए गुट नेता, राजेश अडूर की हुई छुट्टी


- पवन झबाड़े 

चंद्रपुर: महानगरपालिका में कांग्रेस गुटनेता पद को लेकर चल रहे धानोरकर और वडेट्टीवार गुटों के सत्ता संघर्ष में आखिरकार धानोरकर गुट ने बाजी मार ली है। पिछले तीन दिनों से इस मुद्दे पर कांग्रेस में जबरदस्त राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल रहा था। नागपुर विभागीय आयुक्त कार्यालय में हुई प्रक्रिया के बाद सुरेंद्र अडबले को कांग्रेस गुटनेता के रूप में मान्यता दे दी गई है।

करीब चार महीने पहले कई राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद कांग्रेस नगरसेवक राजेश अडुर को 27 कांग्रेस नगरसेवकों के गुट का नेता चुना गया था। हालांकि, महज चार महीने के भीतर ही राजनीतिक समीकरण बदल गए। धानोरकर गुट ने संख्या बल अपने पक्ष में करते हुए राजेश अडुर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला दिया।

इस बीच, तीन दिन पहले कांग्रेस के 6 नगरसेवक अचानक धानोरकर गुट के साथ चले गए, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई। इसके बाद गुटनेता बदलने की कवायद तेज हो गई। धानोरकर गुट ने नागपुर विभागीय आयुक्त कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर 16 नगरसेवकों का समर्थन होने का दावा किया। दूसरी ओर, राजेश अडुर ने व्हिप जारी कर धानोरकर गुट की कार्रवाई को अवैध बताया था। हालांकि, विभागीय आयुक्त कार्यालय में दोनों गुटों द्वारा प्रस्तुत किए गए तर्क, दस्तावेजों की जांच और शक्ति प्रदर्शन के बाद धानोरकर गुट का दावा सही माना गया। अंततः सुरेंद्र अडबले को चंद्रपुर महानगरपालिका में कांग्रेस गुटनेता के रूप में मान्यता प्रदान कर दी गई।

इस निर्णय को धानोरकर गुट की बड़ी राजनीतिक जीत माना जा रहा है, वहीं विजय वडेट्टीवार गुट के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है। अब इस घटनाक्रम के बाद विदेश दौरे पर गए कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार के भारत लौटने पर उनकी अगली रणनीति क्या होगी और इस राजनीतिक संघर्ष में आगे कौन से नए घटनाक्रम सामने आएंगे, इस पर जिले के राजनीतिक गलियारों की नजरें टिकी हुई हैं।