logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर में शराबी चालक का कहर, दोपहिया को मारी टक्कर; दो घायल, RPTS चौक की घटना ⁕
  • ⁕ Amravati: लाइनमैन की लापरवाही से आदिवासी युवक की मौत, ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग ⁕
  • ⁕ Amravati: क्राइम ब्रांच टीम की जुएं आड़े पर कार्रवाई, 9 आरोपियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ चिकन खाने के दौरान हुआ विवाद, चचेरे भाई ने 12 वर्षीय भाई की हत्या; अमरावती जिले के भातकुली की घटना ⁕
  • ⁕ Chandrapur: सांसद धानोरकर के स्नेहमिलन से वडेट्टीवार गुट की दूरी, चंद्रपुर कांग्रेस में विवाद बरकरार ⁕
  • ⁕ AIIMS नागपुर में रिक्त पदों को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त, नियुक्य किया अदालत मित्र; दो हफ्तों में सुधारात्मक सुझावों की सूची देने का दिया निर्देश ⁕
  • ⁕ Nagpur Airport Expansion: AID ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, क्षेत्रीय विकास के लिए एयर कनेक्टिविटी को बताया जरूरी; मांग पूरी न होने पर जनआंदोलन की चेतावनी ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Nagpur

कांग्रेस में गुटबाजी हुई तेज, अध्यक्ष सपकाल ने केदार के लिए इंटरव्यू को किया रद्द; 13 नवंबर को नए सिरे से इंटरव्यू लेने का दिया आदेश


नागपुर: कांग्रेस पार्टी में टिकट वितरण को लेकर हलचल तेज हो गई है। प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने केदार के नेतृत्व में चल रही उम्मीदवार चयन प्रक्रिया को रोकते हुए निर्देश दिया है कि नए सिरे से साक्षात्कार और चयन का काम किया जाए। जिला स्तर पर कई उम्मीदवारों के इंटरव्यू रद्द कर दिए गए हैं, जिससे स्थानीय नेतृत्व को तगड़ा झटका लगा है। अब 13 नवंबर को नई प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसमें सभी इच्छुक उम्मीदवारों की योग्यता पर पुनर्विचार होगा।

कांग्रेस के टिकट वितरण को लेकर जिला कांग्रेस में एक बार फिर घमासान मच गया है। लोकल स्तर पर चल रही उम्मीदवारों की इंटरव्यू प्रक्रिया को प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के सख्त निर्देश पर तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। वहीं प्रभारी और अन्य नेताओं की मौजूदगी में 13 नवंबर को दोबारा इंटरव्यू होगा।

इस बदलाव से पूर्व मंत्री सुनील केदार, वरिष्ठ नेता राजनेत्र मुलुक, सुरेश भोयर और अन्य तमाम दावेदार सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। प्रदेशाध्यक्ष ने साफ आदेश दिया है कि पूरी चयन प्रक्रिया अब नए पैनल के नजरिये और पारदर्शिता के साथ दोबारा की जाएगी। 13 नवंबर को ऑब्जर्वर बैठक में सभी उम्मीदवारों के नए सिरे से साक्षात्कार लिए जाएंगे।

प्रदेश नेतृत्व के इस फैसले से जिले में वर्षों से खींचतान झेल रही कांग्रेस में गुटबाजी और तेज हो गई है। जहां एक ओर दावेदारों और वरिष्ठ नेताओं में असंतोष है, वहीं पार्टी कार्यकर्ताओं में भी असमंजस की स्थिति है। पूर्व मंत्री सुनील केदार को जिला स्तर पर स्वतंत्रता मिलने के बावजूद, प्रदेश स्तर की दखलअंदाजी ने उनकी पूरी रणनीति और टिकट वितरण की योजना को धराशायी कर दिया।

कई स्थानीय नेताओं का मानना है कि लगातार बदलती प्रक्रिया से संगठन कमजोर हो सकता है।अब सबकी निगाहें 13 नवंबर को होने वाली बैठक पर टिकी हैं, जहां पर नए समीकरण के साथ टिकटों का फैसला होगा। वरिष्ठ नेताओं के टिकट कटेंगे या नए चेहरों को मौका मिलेगा – इस पर सभी राजनीतिक दलों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की निगाह बनी हुई है।