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Nagpur

कांग्रेस में गुटबाजी हुई तेज, अध्यक्ष सपकाल ने केदार के लिए इंटरव्यू को किया रद्द; 13 नवंबर को नए सिरे से इंटरव्यू लेने का दिया आदेश


नागपुर: कांग्रेस पार्टी में टिकट वितरण को लेकर हलचल तेज हो गई है। प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने केदार के नेतृत्व में चल रही उम्मीदवार चयन प्रक्रिया को रोकते हुए निर्देश दिया है कि नए सिरे से साक्षात्कार और चयन का काम किया जाए। जिला स्तर पर कई उम्मीदवारों के इंटरव्यू रद्द कर दिए गए हैं, जिससे स्थानीय नेतृत्व को तगड़ा झटका लगा है। अब 13 नवंबर को नई प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसमें सभी इच्छुक उम्मीदवारों की योग्यता पर पुनर्विचार होगा।

कांग्रेस के टिकट वितरण को लेकर जिला कांग्रेस में एक बार फिर घमासान मच गया है। लोकल स्तर पर चल रही उम्मीदवारों की इंटरव्यू प्रक्रिया को प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के सख्त निर्देश पर तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। वहीं प्रभारी और अन्य नेताओं की मौजूदगी में 13 नवंबर को दोबारा इंटरव्यू होगा।

इस बदलाव से पूर्व मंत्री सुनील केदार, वरिष्ठ नेता राजनेत्र मुलुक, सुरेश भोयर और अन्य तमाम दावेदार सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। प्रदेशाध्यक्ष ने साफ आदेश दिया है कि पूरी चयन प्रक्रिया अब नए पैनल के नजरिये और पारदर्शिता के साथ दोबारा की जाएगी। 13 नवंबर को ऑब्जर्वर बैठक में सभी उम्मीदवारों के नए सिरे से साक्षात्कार लिए जाएंगे।

प्रदेश नेतृत्व के इस फैसले से जिले में वर्षों से खींचतान झेल रही कांग्रेस में गुटबाजी और तेज हो गई है। जहां एक ओर दावेदारों और वरिष्ठ नेताओं में असंतोष है, वहीं पार्टी कार्यकर्ताओं में भी असमंजस की स्थिति है। पूर्व मंत्री सुनील केदार को जिला स्तर पर स्वतंत्रता मिलने के बावजूद, प्रदेश स्तर की दखलअंदाजी ने उनकी पूरी रणनीति और टिकट वितरण की योजना को धराशायी कर दिया।

कई स्थानीय नेताओं का मानना है कि लगातार बदलती प्रक्रिया से संगठन कमजोर हो सकता है।अब सबकी निगाहें 13 नवंबर को होने वाली बैठक पर टिकी हैं, जहां पर नए समीकरण के साथ टिकटों का फैसला होगा। वरिष्ठ नेताओं के टिकट कटेंगे या नए चेहरों को मौका मिलेगा – इस पर सभी राजनीतिक दलों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की निगाह बनी हुई है।