धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर फडणवीस ने तोड़ी चुप्पी; कहा- इतिहास में ऐसा कोई प्रमाण नहीं, महापुरुषो को लेकर बनती रहती है लोककथाएं
नाशिक: महाराष्ट्र की सियासत इस समय दो बड़े मुद्दों को लेकर गरमाई हुई है। एक ओर बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा छत्रपती शिवाजी महाराज पर दिए गए बयान से विवाद खड़ा हो गया है, तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे की कथित 'गुप्त मुलाकात' ने कयासों का बाजार गर्म कर दिया है। इन दोनों ही विषयों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
धीरेंद्र शास्त्री का बयान और 'इतिहास बनाम लोककथा'
नागपुर में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने छत्रपती शिवाजी महाराज और समर्थ रामदास स्वामी के संदर्भ में एक प्रसंग सुनाया था, जिस पर अब विवाद छिड़ गया है। सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई है।
इस विवाद पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि इतिहास में ऐसे किसी भी प्रसंग का कोई ठोस प्रमाण (Authentic Proof) मौजूद नहीं है। उन्होंने कहा, "महापुरुषों के इर्द-गिर्द कई लोककथाएं (Folklore) बन जाती हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग तरह से सुनाई जाती हैं। रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथों में भी कई क्षेत्रीय परंपराएं मिलती हैं, लेकिन हमें लोककथा और वास्तविक इतिहास के बीच के अंतर को समझना चाहिए। अधिकृत ऐतिहासिक ग्रंथों में इस घटना का कोई उल्लेख नहीं है।"
उद्धव ठाकरे के साथ गुप्त मुलाकात? फडणवीस ने किया खंडन
पिछले कुछ दिनों से मीडिया में चर्चा थी कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे के बीच मध्यरात्रि में 'वर्षा' बंगले पर एक गुप्त बैठक हुई है। विधान परिषद चुनावों के मुहाने पर खड़ी महाराष्ट्र की राजनीति में इस खबर ने खलबली मचा दी थी। इन चर्चाओं को सिरे से खारिज करते हुए फडणवीस ने कहा, "अगर मुझे उद्धव ठाकरे से मिलना होगा, तो मैं खुलेआम मिलूंगा। हमें छिपकर या अंधेरे में मिलने की कोई जरूरत नहीं है।" मुख्यमंत्री ने साफ किया कि उनके बीच ऐसा कोई विषय नहीं है जिसे छिपाया जाए। उन्होंने ऐसी अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के संकेत भी दिए हैं।
विपक्षी और सत्तापक्ष की प्रतिक्रियाएं
इस पूरे घटनाक्रम पर शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने सधी हुई प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस कथित मुलाकात की सच्चाई केवल वही दो नेता बता सकते हैं। वहीं, भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने इस खबर को पूरी तरह आधारहीन और मनगढ़ंत करार दिया है।
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