logo_banner
Breaking
  • ⁕ महाराष्ट्र में मौसम का डबल अटैक: विदर्भ-मराठवाड़ा में 44°C के पार पहुंचा पारा, अब बेमौसम बारिश और आंधी का अलर्ट ⁕
  • ⁕ प्रफुल्ल पटेल का विरोधियों को दोटूक- "अभी 2026 चल रहा है, 2029 का रण अभी दूर", पवार परिवार का भी माना आभार ⁕
  • ⁕ 17 लाख सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, सरकार के लिखित आश्वासन के बाद काम पर लौटेंगे शिक्षक और कर्मी ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'गाली' कांड पर झुके शिवसेना विधायक संजय गायकवाड, जताया खेद; पर शिवाजी महाराज के 'सम्मान' पर अब भी अडिग ⁕
  • ⁕ 'हाई प्रोफाइल LSD' नशे की चपेट में संतरा नगरी; पढ़ाई छोड़ ड्रग्स बेच रहे थे छात्र, पुलिस ने दो को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Gondia: डी-लिमिटेशन पर कांग्रेस आक्रामक “नारी शक्ति विधेयक का विरोध नहीं, BJP फैला रही फेक नैरेटिव” ⁕
  • ⁕ धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान, कहा-'4 बच्चे पैदा करें, एक RSS को दें'; कॉर्पोरेट जिहाद को लेकर गोविंददेव गिरी ने दी तीखी चेतावनी ⁕
  • ⁕ Ramtek: नवरगांव स्थित टूरिस्ट ढ़ाबा के कुक की छह माह बाद मिली लाश, पुलिस ने ढ़ाबे के 4 कर्मचारियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Wardha: आपूर्ति विभाग की बड़ी कार्रवाई, हजारों टन अवैध गेहूं-चावल जब्त, बजरंग दल की सतर्कता से गोदाम सील ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Nagpur

पौराणिक काल में हनुमान जी और आधुनिक काल में छत्रपति शिवाजी महाराज संघ के आदर्श: मोहन भागवत


नागपुर: नागपुर में 'युगांधर शिवराय नियोजन व व्यवस्थापनाचे दीपस्तंभ' पुस्तक के विमोचन के अवसर पर सरसंघचालक मोहन भागवत ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि पौराणिक काल में हनुमान और आधुनिक काल में छत्रपति शिवाजी महाराज संघ के आदर्श हैं। उन्होंने कहा कि एक सिद्धांत के रूप में काम करने वाली टीम व्यक्तिवाद में विश्वास नहीं करती है। लेकिन अगर जीवन में कोई वास्तविक आदर्श है, तो पौराणिक काल में हनुमान और आधुनिक समय में छत्रपति शिवाजी आदर्श हैं।

मोहन भागवत ने कहा, “शिवाजी महाराज ने बहुत काम किया है। इसीलिए संघ के पहले तीनों प्रमुखों डॉ. हेडगेवार, गोलवलकर गुरुजी और बालासाहेब देवरस ने अलग-अलग समय पर कहा है कि भले ही संघ का काम सैद्धांतिक है और संघ व्यक्तिवाद में विश्वास नहीं करता है, लेकिन कुछ वास्तविक आदर्शों की जरूरत है। उसके लिए पौराणिक युग में हनुमान और आधुनिक युग में छत्रपति शिवाजी महाराज से बेहतर कोई दूसरा आदर्श नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा, “शिवाजी महाराज के कारण ही विदेशी सत्ता का युग समाप्त हुआ। 250 साल बाद भी शिवाजी महाराज प्रेरणा और आदर्श हैं। जब देश पर सिकंदर से लेकर एक के बाद एक विदेशी आक्रमणकारियों का आक्रमण हो रहा था और इस्लामी आक्रमण में सब कुछ नष्ट होने वाला था, तब शिवाजी महाराज ने एक समाधान दिया। जबकि सभी को संदेह था कि शिवाजी महाराज आग से सुरक्षित लौटेंगे या नहीं, महाराज लौट आये।” 

मोहन भागवत ने कहा कि राज्य फिर से मजबूत हुआ और इसके बाद ही भारत में विदेशी शासन खत्म हुआ और राजस्थान, बुंदेलखण्ड, मुगलों से मुक्त हुआ। उन्होंने कहा कि भारत की लगातार हार का युग बदल गया, शिवाजी महाराज ने इसे बदल दिया, और शिवाजी महाराज ने यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया कि यह स्थिति जारी रहे। मोहन भागवत ने कहा कि यही कारण है कि शिवाजी महाराज तभी से उनके आदर्श रहे हैं।