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Chandrapur

Chandrapur: अजय सरकार की तीन साल की तड़ीपारी पर हाईकोर्ट की रोक, राजनीतिक दुश्मनी के आरोप पर प्रतिवादियों को नोटिस


चंद्रपूर: विधायक सुधीर मुनगंटीवार समर्थक अजय सरकार को तीन महिने के लिए तड़ीपार करने के उपविभागीय दंडाधिकारी के आदेश पर मुंबई हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने अंतरिम रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए 4 सितंबर तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

न्यायमूर्ति मेहरोज के. पठान की एकलपीठ के इस फैसले से चंद्रपुर की राजनीति में हलचल मच गई है।रामनगर पुलिस थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 41/2026 के तहत अजय सरकार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले को आधार बनाते हुए उपविभागीय दंडाधिकारी ने अजय सरकार को तीन महिने के लिए चंद्रपुर जिले से तड़ीपार करने का आदेश जारी किया था। इस आदेश के खिलाफ याचिकाकर्ता ने अतिरिक्त आयुक्त के समक्ष अपील दायर की थी। वहां से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने अधिवक्ता डी. एस. सिरपूरकर के माध्यम से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

‘राजनीतिक दुश्मनी के चलते कार्रवाई’ का दावा

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता डी. एस. सिरपूरकर ने दलील दी कि अपराध क्रमांक 41/2026 को आधार बनाकर तड़ीपारी का प्रस्ताव तैयार किया गया था। हालांकि, इस मामले में अंतिम रूप से याचिकाकर्ता को बरी किया जा चुका है। साथ ही, इसी मामले में अग्रिम जमानत देते समय अदालत ने यह निरीक्षण दर्ज किया था कि याचिकाकर्ता को राजनीतिक दुश्मनी के चलते बदला लेने के उद्देश्य से मामले में फंसाया गया है।4 सितंबर तक जवाब दाखिल करने के निर्देश

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता की दलीलों और मामले की पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए न्यायमूर्ति मेहरोज के. पठान ने तड़ीपारी के मूल आदेश के क्रियान्वयन पर तत्काल अंतरिम रोक लगा दी। इससे अजय सरकार को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 4 सितंबर 2026 को होगी।