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Nagpur

लाड़ली बहना योजना: लाभार्थी महिलाओं के दस्तावेजों के सत्यापन के लिए वार्ड स्तरीय समिति, महिला बाल विकास मंत्रालय ने दी मंजूरी


नागपुर: लाड़ली बहना योजना को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। जिसके तहत  सरकार ने इस योजना के लाभार्थी महिलाओं के दस्तावेजों के सत्यापन सहित उन्हें पोर्टल पर अपलोड करने के लिए वार्ड स्तरीय समिति का गठन करने का ऐलान किया है। अशासकीय सदस्य की अध्यक्षता में गठित इस समिति में सात सदस्य होंगे। इसको लेकर बुधवार को महिला व बाल विकास मंत्रालय की तरफ से अधिसूचना जाहिर कर दिया है। राज्य के सभी छोटे और बड़े महानगर पालिका, परिषद् में इन समितियों का निर्माण किया जाएगा।

ज्ञात हो कि, राज्य में पेश पूरक बजट में राज्य सरकार ने लाड़ली बहना योजना की घोषणा की थी। जिसके तहत महिलाओं को हर महीने 1500 यानी साल भर में 18 हजार रुपये देने का निर्णय लिया था। इसी के साथ सरकार ने लाभार्थी महिलाओं के दस्तावेजों को सत्यापित और अपलोड करने के लिए तहसील स्तर पर समिति का गठन करने का निर्णय लिया था। हालांकि, जनता की सहूलियत को देखते हुए वार्ड स्तरीय समिति का करने की मांग की जा रही थी, इसको लेकर सम्बंधित विभाग को प्रस्ताव भी भेजा गया था। 

गुरुवार को राज्य महिला व बाल विकास मंत्रालय ने सम्बंधित प्रस्ताव को अपनी मंजूरी देते हुए अधिसूचना जारी कर दी। सरकार द्वारा जारी अधिसूसाहना के अनुसार, इस वार्ड समिति में सात सदस्य होंगे। जिसमें तीन गैर-सरकारी होंगे, जिसमें एक अध्यक्ष होगा। वहीं एक बाल विकास परियोजना अधिकारी (शहर) (वरिष्ठ), एक आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक (बी.वी.पी. के अनुमोदन से), समाज कल्याण अधिकारी, रक्षा अधिकारी (जूनियर) सहित सम्बंधित वार्ड का अधिकारी भी शामिल होंगे। समिति में शामिल तीन गैर सदस्यों में दो की नियुक्त जिले के पालकमंत्री द्वारा किया जाएगा।

उक्त समिति के यह होंगे कार्य: 

  • उक्त योजना का पर्यवेक्षण एवं नियंत्रण करना।
  • उक्त योजना के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करना।
  • यह सुनिश्चित करना कि कोई भी पात्र हितग्राही उक्त योजना से वंचित न रहे।
  • उक्त आवेदन सहित ग्राम स्तर पर प्राप्त आवेदनों की जांच/निरीक्षण/संलग्न दस्तावेजों का सत्यापन।
  • वार्ड स्तरीय समिति उनसे प्राप्त आवेदनों की जांच कर औपबंधिक सूची को सम्बंधित पोर्टल पर उपलोड करना।
  • साथ ही उस पर प्राप्त आपत्तियों/आपत्तियों का निराकरण कर पात्र/अपात्र लाभार्थियों की अनंतिम रूप से संशोधित सूची को पालकमंत्री की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति को प्रस्तुत करना।