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Nagpur

26/11 को लेकर माधव भंडारी ने कांग्रेस और एनसीपी पर लगाया बड़ा आरोप, वडेट्टीवार ने किया पलटवार, कहा- प्रसिद्धि के लिए दे रहे बयान


नागपुर: भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष माधव भंडारी द्वारा रविवार को 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के संबंध में लगाए गए सनसनीखेज आरोपों ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। भंडारी ने सीधे तौर पर कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा, "स्थानीय प्रशासन पर प्रभाव रखने वाले लोगों की भागीदारी के बिना ऐसा हमला संभव नहीं होता।" इसके अलावा डॉ. नरेंद्र दाभोलकर, गोविंद पानसरे, गौरी लंकेश और कलबुर्गी की हत्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि वे "हिंदुत्व संगठनों पर दबाव डालने के लिए रची गई साजिश" थी।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने इन आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, "माधव भंडारी भाजपा में हाशिए पर हैं। उन्हें मनचाहा पद नहीं मिल रहा है, इसलिए वे इस तरह के बयान देकर मुख्यधारा में आने की कोशिश कर रहे हैं।" उन्होंने भाजपा की सत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा, "बीते 11 सालों से भाजपा की सरकार केंद्र में है, अगर कोई सबूत है तो वह कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है? जांच करें, दोषियों को सजा दें, लेकिन ऐसे आरोपों से राजनीतिक शोर न मचाएं।"

वडेट्टीवार ने गोमांस निर्यात को लेकर भी भाजपा की आलोचना की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "गोमांस निर्यात में सबसे अधिक वृद्धि सनातन धर्म को बढ़ावा देने वाली भाजपा सरकार के शासनकाल में हुई है। अगर हम आंकड़े मांगते हैं तो वे नाराज हो जाते हैं। इसके पीछे किस पार्टी का हाथ है, इस पर आरोप लगाने के बजाय कार्रवाई करें।" उन्होंने कहा, "वे गायों के नाम पर वोट मांगते हैं, लेकिन वास्तव में वे मुनाफा कमाने के लिए उनका शोषण करते हैं। यह दोहरी नीति अब जनता के सामने उजागर हो रही है।"

वडेट्टीवार ने प्रज्ञानंद सरस्वती के "कब्र खोदने" और "ऐतिहासिक स्थलों को ध्वस्त करने" जैसे भड़काऊ बयानों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया, "ऐसे बयानों से धार्मिक मतभेद बढ़ते हैं और इनके पीछे का मकसद पूरी तरह से राजनीतिक है। लोगों को बांटकर वोट हासिल करना।" उन्होंने कहा, ‘‘साधु-संत सम्मान के पात्र हैं, लेकिन अगर उनके नाम पर छत्रपति शिवाजी महाराज की बहादुरी को छिपाने की कोशिश की जा रही है तो यह निंदनीय है।’’

अंत में वडेट्टीवार ने फडणवीस और योगी आदित्यनाथ को लेकर प्रज्ञानंद सरस्वती के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, "फडणवीस को यह तय करना होगा कि उन्हें योगी के पदचिन्हों पर चलना है या किसके पदचिन्हों पर चलना है। यदि मौजूदा कदम दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं, तो देवेंद्रजी खुद तय करेंगे कि उन्हें योगी के पदचिन्हों पर चलना है या नहीं।"