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Nagpur

गोंदिया का पालकमंत्री पद छोड़ेंगे मंत्री धर्मराव बाबा आत्राम, स्वास्थ्य कारणों का दिया हवाला


नागपुर: राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री धर्मराव बाबा अत्राम (Dharmrao Baba Atram) ने एक बड़ा फैसला लिया है। अत्राम ने गोंदिया जिले के पालकमंत्री का पद छोड़ने का फैसला किया है। स्वास्थ्य कारणों के कारण मंत्री ने यह फैसला लिया है। इसी के साथ फैसले के बारे में उन्होंने पार्टी अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार (Dcm Ajit Pawar) को सूचित कर दिया है।

एक निजी समाचार चैनल से बात करते हुए आत्राम ने कहा कि, "स्वास्थ्य कारणों और आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए मैंने गोंदिया जिले का पालकमंत्री पद छोड़ने का फैसला किया है। हाल ही में मेरी सर्जरी हुई है। जिसके कारण सड़क मार्ग से गोंदिया जाना मेरा लिए संभव नहीं है। जिसको देखते हुए मैंने यह फैसला लिया है।"

उन्होंने आगे कहा, "आगामी कुछ महीनों में राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। जिसको देखते हुए मैं ज्यादा से ज्यादा ध्यान गडचिरोली और चंद्रपुर जिले में रखना चाहता हूँ। जिससे पार्टी को चुनाव में कामयाबी दिला सकूँ।" उन्होंने आगे बताया कि, इसको लेकर उन्होंने पार्टी नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार को बता दिया है।"

पालकमंत्री रहते महायुति को मिली हार

राज्य में जल्द ही विधानसभा चुनाब होने हैं। वहीं हाल ही में हुए चुनाव में महायुति को गोंदिया-भंडारा लोकसभा सीट पर बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। यहाँ  से कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. प्रशांत पडोले ने भाजपा उम्मीदवार सुनील मेंढे को 37 हजार से ज्यादा वोटों से हराया। पलकमंत्री होने के नाते गोंदिया जिले में महायुति उम्मीदवार की जीत को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी आत्राम के पास थी। वहीं पार्टी के कद्दावर नेता प्रफुल्ल पटेल ने भी जिम्मेदारी ली हुई थी। 

अब कौन होगा अगला पालकमंत्री?

एनसीपी के राज्य में शामिल होने के पहले गोंदिया जिले का प्रभार मंत्री सुधीर मुनगंटीवार के पास था। वहीं जब एनसीपी सरकार में शामिल हुई तो आत्राम को जिले का पालकमंत्री बनाया गया। वहीं तीन महीने बाद राज्य में विधानसभा चुनाव होने है। जिसको देखते हुए यह चर्चा शुरू हो है कि, जिले का अगला पालकमंत्री कौन होगा। भाजपा को मिलेगा या शिवसेना का कोई मंत्री के पास प्रभार दिया जाएगा।