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Nagpur

नागपुर सुधार प्रन्यास के ट्रस्टी बने विधायक कृष्णा खोपड़े, जिसे समाप्त करने की मांग उसी की करेंगे अगुवाई


नागपुर: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर सुधार प्रन्यास एक ट्रस्टीके नाम का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री ने पूर्व नागपुर विधायक और 2024 के चुनाव में रिकॉर्ड जीत हासिल करने वाले कृष्णा खोपड़े को एनआईसी का नया ट्रस्टी बनाया है। ज्ञात हो कि, खोपड़े लगातार एनआईटी को बर्खास्त करने की मांग करते आ रहे हैं। उन्होंने संस्था पर विकास के कामों पर अड़ंगा डालने के कई आरोप भी लगाए हैं।

नागपुर शहर के विकास और नियोजन के लिए ब्रिटिश काल में नागपुर सुधार ट्रस्ट की स्थापना की गई थी। नागपुर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की ट्रस्टीशिप बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस ट्रस्ट का इस्तेमाल राजनीतिक नेता जनप्रतिनिधि के तौर पर अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास के लिए करते रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सतीश चतुर्वेदी और नितिन राउत ने कैबिनेट में रहते हुए ट्रस्टीशिप अपने पास रखी थी।

जिसे समाप्त करने की मांग उसी की करेंगे अगुवाई

विधायक और जनप्रतिनिधि के तौर पर खोपड़े लगातर एनआईटी को समाप्त करने की मांग करते रहे हैं। न केवल खोपड़े बल्कि भारतीय जनता पार्टी के तमाम नेता के शहर में दो संस्थाओं के खिलाफ रहे हैं। 2014 में जब देवेंद्र फडणवीस पहली बार मुख्यमंत्री बने थे उस समय एनआईटी को समाप्त कर दिया था, हालांकि, उद्धव ठाकरे सरकार ने इसे दोबारा खड़ा कर दिया। वहीं अब जब सरकार ने उन्हें खोपड़े को नया ट्रस्टी घोषित कर दिया है तो यह चर्चा शुरू हो गई कि, जिसे खोपड़े समाप्त करने की मांग करते थे अब उसी का नेतृत्व करेंगे।

खोपड़े रहे हैं जॉइंट किलर 

इससे इसकी अहमियत का पता चलता है। कृष्णा खोपड़े को जॉइंट किलर के नाम से जाना जाता है। पूर्व नागपुर विधानसभा क्षेत्र का यह क्षेत्र कभी कांग्रेस का गढ़ माना जाता था। खोपड़े ने इसे ध्वस्त कर दिया है। कांग्रेस के दिग्गज नेता सतीश चतुर्वेदी इस किले के राजा थे। उस समय खोपड़े एक साधारण पार्षद थे। भाजपा से कोई भी उनके खिलाफ लड़ने को तैयार नहीं था।

भाजपा ने खोपड़े के नाम की घोषणा की। यह कई लोगों के लिए आश्चर्य की बात थी। माना जा रहा था कि सतीश बाबू की जीत पक्की है। लेकिन खोपड़े ने इतिहास रच दिया। उन्होंने सतीश बाबू को हार का झटका दिया। उसके बाद से खोपड़े इस किले पर जमे हुए हैं। 2014 के चुनाव में भाजपा-सेना के सत्ता में आने के बाद खोपड़े ने नितिन गडकरी को मुख्यमंत्री बनाने की इच्छा जताई थी। उन्होंने उनके लिए अपना पूर्वी नागपुर विधानसभा क्षेत्र छोड़ने की भी इच्छा जताई थी। पिछले 15 सालो से खोपड़े पूर्व नागपुर में जमे हुए हैं। 2024 के विधानसभा चुनाव में खोपड़े ने अपने प्रतिध्वंधि पर 1.15 लाख वोटों से जीत हासिल की थी।